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ग्रेटर नोएडा : मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद बनने जा रहे भव्य श्रीराम मंदिर को लेकर चारों तरफ हर्ष एवं उत्साह का माहौल है। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा में भी तैयारी शुरू हो गई है। पांच अगस्त को मंदिर के भूमि पूजन के दिन यहाँ भी दीपावली जैसा नजारा होगा। मिट्टी के दीयों से हर घर जगमग होगा। सोशल मीडिया के माध्यम से ‘पांच दीपक भगवान श्रीराम के नाम’ जलाने की अपील की जा रही है। वहीं मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए ग्रेटर नोएडा के सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाया है। श्रीरामलीला कमेटी 1 लाख 11 हजार रूपये की सहयोग राशि मंदिर निर्माण समिति को भेंट करेगी।  कमेटी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह का कहना है कि पांच अगस्त को अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने की बड़ी इच्छा थी,लेकिन वैिक महामारी कोरोना के चलते यह सौभाग्य प्राप्त नहीं हो पाएगा। ऐसे में इस ऐतिहासिक पल को ग्रेटर नोएडा में रहकर ही यादगार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कमेटी के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि 5 अगस्त को सुबह 10 बजे कमेटी के सदस्यों द्वारा साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में हवन किया जाएगा, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। हवन में कमेटी के लोग ही शामिल होंगे। रामलीला मैदान में 21 छायादार पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नगरवासियों से सोशल मीडिया के माध्यम से अनुरोध किया जा रहा है कि शाम को अपने- अपने घरों के बाहर 5-5 मिट्टी के दीयें जलाएं। वर्षो के इंतजार के बाद यह मौका आया है। कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि मंदिर निर्माण में कमेटी की ओर से 1,11,000 रूपये की सहयोग राशि मंदिर निर्माण समिति को भेंट की जाएगी। वहीं हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता भी राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। कोरोना महामारी के चलते किसी तरह का कार्यक्रम तो आयोजित नहीं किया जा सकता, इसलिए घर-घर में दीपक जलाने का ही अनुरोध कर रहे हैं। हिंदू जागरण मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी सतेंद्र राघव ने बताया कि संगठन के सभी पदाधिकारी व सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों से राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम को यादगार बनाने की अपील कर रहे हैं। सतेंद्र राघव का कहना है कि यह प्रयास है कि पांच अगस्त को दीपावली जैसा नजारा हो।