PT Usha elected president IOA

नई दिल्ली : देश की महान एथलीट पीटी उषा को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। वो IOA के 95 साल के इतिहास में अध्यक्ष बनने वाली पहली ओलंपियन बन गईं हैं। साथ ही 58 साल की पीटी उषा भारतीय ओलंपिक संघ का अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला भी हैं। 10 दिसंबर को होने वाले चुनाव में अकेली उम्मीदवार हैं, लेकिन चुनाव से पहले ही उनके नाम पर सब ने सहमति जताई। कई एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता 58 साल की उषा 1984 के ओलंपिक 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं थी।

पूर्व खेलमंत्री और कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष बनने की बधाई दी। किरेन रिजजू ने लिखा, ‘दिग्गज गोल्डन गर्ल को बधाई। पी टी उषा को भारतीय ओलंपिक संघ का अध्यक्ष चुना गया। मैं अपने देश के सभी खेल नायकों को भी प्रतिष्ठित IOA का पदाधिकारी बनने पर बधाई देता हूं। राष्ट्र को उन पर गर्व है।’

उन्होंने रविवार को शीर्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनके साथ उनकी टीम के 14 अन्य लोगों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। आईओए चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा रविवार को समाप्त हो गई। आईओए के चुनाव अधिकारी उमेश सिन्हा को शुक्रवार और शनिवार को कोई नामांकन नहीं मिला लेकिन रविवार को विभिन्न पदों के लिए 24 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए।

इन चुनावों में उपाध्यक्ष (महिला), संयुक्त सचिव (महिला) के पद के लिए मुकाबला होगा। कार्यकारिणी परिषद के चार सदस्यों के लिए 12 प्रत्याशी मैदान में है। आईओए में एक अध्यक्ष, एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष (एक पुरुष और एक महिला), एक कोषाध्यक्ष, दो संयुक्त सचिव (एक पुरुष और एक महिला), छह अन्य कार्यकारी परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए होंगे। जिनमें से दो (एक पुरुष और एक महिला) निर्वाचित ‘एसओएम’ से होंगे। कार्यकारी परिषद के दो सदस्य (एक पुरुष और एक महिला) एथलीट आयोग के प्रतिनिधि होंगे।

एशियन गेम्स में की थी पदकों की बरसात

उषा को ‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है और वह देश की सबसे सफल एथलीटों में से एक हैं। उषा ने साल 1982 से 1994 तक एशियाई खेलों में चार स्वर्ण सहित 11 पदक जीते। उन्होंने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में सभी चार स्वर्ण (200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और चार गुणा 400 मीटर रिले) पदकों के साथ ही 100 मीटर में रजत भी जीता था। उषा ने 1982 नई दिल्ली एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर में पदक जीते। कुल मिलाकर उन्होंने 1983 से 1998 तक एशियाई चैम्पिपियनशिप में कुल 23 पदक जीते।

ओलंपिक में पदक जीतने से चूक गई थीं उषा

उषा को लॉस एंजिल्स ओलंपिक 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पदक से चूकने के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है, जहां वह रोमानिया की क्रिस्टियाना कोजोकारू के हाथों सेकंड के सौवें हिस्से से पिछड़ गई थीं। आईओए के चुनाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश एल नागेश्वर राव की देखरेख में तैयार किए गए नए संविधान के तहत हो रहे हैं। आईओए ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से मंजूरी मिलने के बाद 10 नवंबर को नया संविधान अपनाया था। आईओए के 77 सदस्यीय निर्वाचन मंडल में लगभग 25 प्रतिशत पूर्व एथलीट हैं जिनमें ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु, गगन नारंग, साक्षी मलिक, योगेश्वर दत्त सहित वर्तमान और पूर्व खिलाड़ी शामिल हैं।