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नई दिल्लीः उत्तराखण्ड लोक मंच के पच्चीस साल पूरे होने के उपलक्ष में संस्था द्वारा आगामी 19 एवं 20 अक्टूबर, 2019 को इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, नई दिल्ली में लोकपर्व का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक दो दिन लोक कला, संस्कृति, भाषा, साहित्य एवं जन सरोकारों से संबधित कई कार्यक्रमों का दर्शक आनन्द उठा सकते हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी शामिल किया गया है। ठेट पहाड़ की बात और लुप्त होती नाड़ी बैद्य और अन्य विधाओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है।

ज्ञातव्य हो कि उत्तराखण्ड लोक मंच एक आन्दोलकारी संगठन रहा है। उत्तराखण्ड राज्य गठन में मंच की अग्रणी एवं अहम भूमिका रही है। आज मंच अपने पच्चीस साल पूरे कर रहा है। कभी दिल्ली एनसीआर में मंच की लगभग 45 क्षेत्रीय इकाईयां होती थीं एवं लगभग पांच हजार सक्रिय सदस्य थे। आज भी मंच लगातार जनसरोकारों के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है। उत्तराखण्ड में आपदा हो या दिल्ली जैसे महानगर में उत्तराखण्ड एवं देश की कोई बात हो मंच सदा ही समाज के साथ खड़ा रहता है।

मंच के जुझारू अध्यक्ष बृजमोहन उप्रती एवं महासचिव डॉ. पवन कुमार मैठाणी एवं वरिष्ठ रंगकर्मी एवं मंच के सांस्कृतिक सचिव खुशहाल सिंह विष्ट के नेतृत्व में मंच लगातार जनसरोकारों से जुडे आयोजन करता आ रहा है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने हमारे समाज की मांग को पूरा करने की दिशा में पहल की है। जल्द ही उत्तराखण्ड की गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी भाषाओं की अकादमी दिल्ली में कार्य करने लगेगी। वरिष्ठ लोक गायक एवं जनकवि हीरा सिंह राणा जी को उक्त अकादमी का उपाध्यक्ष घोषित किया गया है जो कि हमारे समाज के लिए गर्व की बात है। जिस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन अपने लोक के लिए समर्पित कर दिया उसके त्याग और विजन को दिल्ली सरकार ने परखा और मान दिया इससे बढ़िया बात हमारे समाज के लिए और क्या हो सकती है।

बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, गीत, संगीत प्रतियोगिता एवं अन्य विधाओं के साथ साथ उत्तराखण्ड लोक मंच द्वारा 19 अक्टूबर, 2019 को दोपहर 3-00 बजे से गढ़वाली, कुमाउनी कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जा रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि उक्त आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनायें। हमें अपनी संस्कृति के साथ-साथ अपनी भाषा को भी बचाना होगा और भाषायें तभी बचेंगी जब हमारे समाज के लोग एवं संस्थायें अपने आयोजनों में भाषा संबधी आयोजनों को शािमल करेंगी। इस दिशा में देर से ही सही मंच ने पहल की है और आशा की जाना चाहिए के भविष्य में भाषा संबधी आयामों को उचित स्थान एवं मान मिलेगा। चित्रकला प्रतियोगिता हेतु संयोजक डॉ. सतीश कालेश्वरी, निर्णायक श्रीमती कविता सक्सेना एवं कवि सम्मेलन हेतु दिनेश ध्यानी को संयोजक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य सदस्य भी विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं विधाओं के लिए कार्य कर रहे हैं।

इस दो दिवसीय आयोजन में समाज में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली प्रतिभाओं को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से भी नवाजा जायेगा। इस हेतु चयन समिति तत्परता से कार्य कर रही है। तो आईए आप भी आगामी 19 एवं 20 अक्टूबर, 2019 को उक्त आयोजन में शिकरत कीजिए एवं खुद जानिये कि उत्तराखण्ड लोक मंच किस तरह से धरातल पर काम कर रहा है। तो हमें आपका इन्तजार रहेगा।

दिनेश ध्यानी।