श्रीनगर गढ़वाल : राजकीय इंटर कॉलेज नवाखाल, खिर्सू, पौड़ी गढ़वाल के प्रधानाचार्य इंद्र सिंह मेवाड़ की सेवानिवृत्ति पर उन्हें विद्यालय परिवार एवं क्षेत्रीय जनता द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर इन्द्र सिंह मेवाड़ द्वारा छात्र-छात्राओं सहित सभी के लिए भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएमसी अध्यक्ष ताजवर सिंह रावत ने की। सर्वप्रथम सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं प्रत्येक कक्षा से एकविद्यार्थी द्वारा प्रधानाचार्य इंद्र सिंह मेवाड़ को माल्यार्पण किया गया।
ग्राम प्रधान जोगड़ी, अनिल रावत ने भी उनका माल्यार्पण किया। अंग्रेजी प्रवक्ता आदित्य कांडपाल एवं गणित प्रवक्ता महेंद्र सिंह नेगी ने प्रधानाचार्य को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. रमेश डोभाल ने उनके सम्मान में विदाई पत्र का वाचन किया। जीवविज्ञान प्रवक्ता टीपी डिमरी, राजनीति विज्ञान प्रवक्ता शरद रावत, शिक्षिका वंदना रावत, शिक्षक प्रदीप कुमार, बबलू राम, प्रवीण बिष्ट, मनोज नेगी, वरिष्ठ सहायक राजेंद्र चौहान द्वारा भी उन्हें उपहार भेंट किए गए। शिक्षक आदित्य कांडपाल ने उन्हें एक परिश्रमी शिक्षक एवं कुशल प्रशासक बताया। वहीँ शिक्षिका वंदना रावत ने कहा कि प्रधानाचार्य से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला।
एसएमसी अध्यक्ष ताजवर सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने एक शिक्षक तथा एक प्रधानाचार्य के रूप में सराहनीय कार्य किया है। मेवाड़ की सेवानिवृत्ति के बाद प्रधानाचार्य का कार्यभार ग्रहण करने वाले शिक्षक दिवाकर कुकरेती ने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज नवाखाल में 15 वर्ष के कार्यकाल में इंद्र सिंह मेवाड़ द्वारा विद्यालय में किए गए कार्यों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। छात्रा जानकी रावत ने इंद्र सिंह मेवाड़ को एक आदर्श शिक्षक बताया।
अपनी विदाई भाषण में इन्द्र सिंह मेवाड़ ने अपने कार्यकाल में सभी कर्मचारियों द्वारा किए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंद्र सिंह मेवाड़ के दामाद, बहनोई, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोखरी के शिक्षक प्रकाश रावत, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवाखाल की प्रधानाध्यापिका रेखा रावत, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जोगड़ी की प्रधानाध्यापिका जयश्री जोशी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कताखोली की प्रधानाध्यापिका सरोज मेवाड़, स्वास्थ्य सेविका अनीता बिष्ट, डाकघर पोखरी की पोस्टमास्टर अमिता रावत सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। अंत में इन्द्र सिंह मेवाड़ को विद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों द्वारा ढोल दमाऊ वादन के साथ विदाई दी गई।



