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नई दिल्ली: वैश्विक महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस दुनियाभर में अब तक पांच लाख से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। जबकि 22,000 से ज्यादा जानें ले चुका है। कोरोना वायरस ने चीन के बाद सबसे ज्यादा तबाही इटली में मचाई है। इसके अलावा स्पेन, अमेरिका ईरान का भी बुरा हाल है। भारत में भी कोरोना वायरस तेजी से फ़ैल रहा है। दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक इस वायरस का इलाज ढूंढ़ने में जुटे हैं। हाल ही में अमेरिका ने एक वैक्सीन का परीक्षण किया है, जिसका नतीजा आना बाकी है।

इसीबीच भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस (कोविड-19) बीमारी के वाहक बने कोरोना वायरस की तस्वीर खींचने में कामयाबी हासिल की है। पुणे स्थित भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिक पहली बार कोरोना वायरस की तस्वीरें सामने लाए हैं। वैज्ञानिकों ने ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप इमेजिंग का इस्तेमाल करके यह तस्वीर खींची। इन्हें इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च के लेटेस्ट एडिशन में दिखाया गया है। यह तस्वीर भारत के पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज के गले से लिए गए सैंपल से ली गई है। देश में वायरस का पहला मामला 30 जनवरी, 2020 को केरल में रिपोर्ट हुआ था। संक्रमित युवती उन तीन छात्रों में शामिल थी, जो चीन के वुहान शहर में मेडिसिन की पढ़ाई कर रहे थे। केरल के इन नमूनों की जीन सिक्वेंसिंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में की गई थी। इसमें पता चला था कि भारत में मिला यह वायरस चीन के वुहान शहर में मिले वायरस से 99.98 फीसदी मैच कर रहा है।

IJMR में उपरोक्त लेख आइसीएमआर-एनआइवी नेशनल इंफ्लूएंजा सेंटर की टीम ने लिखा है। इसके लेखकों में NIV के उपनिदेशक और इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी एंड पैथोलॉजी के प्रमुख अतनु बसु भी शामिल हैं। लेख के मुताबिक, एक वायरस पार्टिकल काफी अच्छी तरह संरक्षित था, जिसमें कोरोना वायरस के बेहद विशिष्ट लक्षण दिखाई दे रहे थे। इसका आकार 75 नैनोमीटर का था।