देहरादून : उत्तराखंड हाईकोर्ट की संस्तुति पर शासन ने हरिद्वार की तत्कालीन सिविल जज (सीनियर डिविजन) दीपाली शर्मा को बर्खास्त कर दिया है। उच्च न्यायालय नैनीताल की पूर्ण पीठ ने 14 अक्टूवर को हरिद्वार की सिविल जज दीपाली शर्मा की सेवा बर्खास्तगी की संस्तुति की थी। दीपाली शर्मा पर नाबालिग बालिका का शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने का आरोप है। प्रदेश में किशोर न्याय अधिनियम के तहत किसी सरकारी अधिकारी की बर्खास्तगी का यह अपनी तरह का पहला मामला है। राज्य की अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल एक समाजसेवी ने हरिद्वार की तत्कालीन सिविल जज दीपाली शर्मा के खिलाफ उच्च न्यायालय में शिकायत की थी कि वे अपने निवास पर नाबालिग बच्ची से घरेलू कार्य करवा कर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कर रही हैं। उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच हरिद्वार के जिला जज को सौंपी थी। जिसके बाद छापे की कार्रवाई में उक्त बालिका जज दीपाली शर्मा के घर पर बरामद हुई थी। जिला जज की मौजूदगी में ही जिला अस्पताल में बालिका का मेडिकल परीक्षण हुआ था, जिसमें उसके शरीर पर चोटों के 20 निशान पाए गए थे। जिसके बाद जज दीपाली शर्मा के खिलाफ सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच के बाद उच्च न्यायालय ने बीते 14 अक्टूवर को दीपाली शर्मा की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की। मंगलवार को शासन ने दिपाली शर्मा की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी कर दिये।



