देहरादून : आज से 3 साल पहले 6 फरवरी 2018 को राजधानी देहरादून में हुए चर्चित हत्याकांड में आज फैसला आ गया है। कोर्ट ने 24 वर्षीय बेटी की हत्या करने वाली एक सौतेली मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश गुरबख्श सिंह की अदालत ने सौतेली मां को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। संपत्ति की खातिर सौतेली मां ने बेटी की ईंट मारकर हत्या करने के बाद खुखरी से शव के दो टुकड़े कर डाले थे, और शव को तीन दिन तक बाथरूम में छुपाए रखा था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जयकृष्ण जोशी ने बताया कि अंसारी मार्ग की रहने वाली 24 साल की प्राप्ति सिंह शहर के एक इंस्टीट्यूट से एयर होस्टेस का कोर्स कर रही थी। सात फरवरी 2018 को सुबह प्राप्ति का मोबाइल स्विच ऑफ था। उसके रिश्तेदारों और दोस्तों ने जब उसकी सौतेली मां मीनू कौर से मोबाइल बंद होने का कारण पूछा तो मीनू ने बताया कि प्राप्ति सुबह ही एक इंटरव्यू के लिए दिल्ली चली गई है। वह भी उससे बात करने के लिए परेशान है। दिन भर मोबाइल ऑन न होने पर रिश्तेदारों का प्राप्ति से संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने मीनू कौर पर दबाव डालना शुरू किया। लेकिन, वह उन लोगों को गुमराह करती रही। रिश्तेदारों ने अधिक दबाव डाला तो मीनू कौर 08 फरवरी 2020 की सुबह आइएसबीटी पुलिस चौकी पहुंची और प्राप्ति की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई। मीनू ने पुलिस को बताया कि उसने खुद प्राप्ति को दिल्ली जाने वाली बस में बैठाया था। इसके बाद उससे दो बार बात भी हुई। पटेलनगर कोतवाली के उस समय के प्रभारी रहे रितेश शाह व एसएसआइ विपिन बहुगुणा ने जब मीनू और प्राप्ति के मोबाइल की लोकेशन निकलवाई तो झूठ से पर्दा उठ गया।
दोनों के मोबाइल की लोकेशन 7 फरवरी की शाम से 8 फरवरी तक अंसारी मार्ग पर ही थी। पुलिस ने जब मीनू से इस बारे मे सवाल किए तो यहां भी उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। 09 फरवरी को जब मीनू से सख्ती से पूछताछ की गई तो वह पुलिस के सवालों के आगे ज्यादा देर टिक नहीं पाई। उसने बताया कि प्राप्ति का उसने कत्ल कर दिया है और शव घर में ही है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो प्राप्ति के कमरे से तेज दुर्गंध उठ रही थी। मीनू से चाबी लेकर कमरा खोला गया तो बाथरूम से सटे स्टोर रूम में प्राप्ति का शव दो टुकड़ों में पड़ा हुआ था। पुलिस ने मौके से ही खून से सनी ईंट, खुखरी के अलावा खून से सना तकिया आदि सामान बरामद किया गया था । जांच में यह सामने आया कि प्राप्ति के पिता का 2 साल पहले (2016) निधन हो गया था। वह अपनी संपत्ति की इकलौती वारिस थी। मीनू मकान को बेचने का दबाव बना रही थी, जिस पर प्राप्ति राजी नहीं हो रही थी।
मीनू कौर ने सौतेली बेटी प्राप्ति सिंह की हत्या 6 फरवरी 2018 को कर दी थी। उस समय पुलिस पूछताछ में मीनू कौर ने बताया था कि 6 फरवरी की रात उसका प्राप्ति से झगड़ा हो गया था। झगड़ा होने के बाद वह आवेश में आ गई और प्राप्ति के सोने का इंतजार करने लगी। रात करीब डेढ़ बजे उसने सोई हुई प्राप्ति के कनपटी पर ईंट से प्रहार किए, जिससे वह बेहोश हो गई।
इसके बाद उसने खुखरी से उसकी गर्दन काटने की कोशिश की। प्राप्ति की मौत के बाद मीनू शव को बिस्तर से खींचकर बाथरूम में ले गई। उसने खुखरी से शव को दो हिस्सों में काटा और चादर में लपेटकर छिपा दिया। शव के दो टुकड़े करने में उसे करीब सवा चार घंटे का समय लगा। उसकी योजना शव के टुकड़े कर ठिकाने लगाने की थी।
शुक्रवार को पुलिस ने मीनू कौर को कोर्ट में पेश किया। जहाँ कोर्ट ने मीनू कौर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट का फैसला सुनने के बाद मीनू कौर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी।



