उत्तराखंड के लिए एक बार फिर गर्व की बात है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के मूल निवासी जस्टिस सुधांशु धूलिया की सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में नियुक्ति हुई है। शनिवार को केंद्र ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जमशेद बुर्जोर परदीवाला को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कॉलेजियम ने ये सिफारिशें की।
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के लंगूर पट्टी के मदनपुर गांव निवासी 62 वर्षीय जस्टिस सुधांशु धूलिया सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने वाले उत्तराखंड के दूसरे जबकि गढ़वाल मंडल के पहले व्यक्ति हैं। जस्टिस धूलिया से पहले उत्तराखंड मूल के जस्टिस पीसी पंत सुप्रीम कोर्ट में जज रह चुके हैं। इससे पहले जस्टिस धूलिया गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे हैं और उससे भी पहले उत्तराखंड के नैनीताल हाई कोर्ट के न्यायाधीश रह चुके हैं।
10 अगस्त 1960 को पौड़ी गढ़वाल में जन्मे जस्टिस धूलिया की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून और इलाहाबाद में हुई थी। वह सैनिक स्कूल लखनऊ के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली है। उन्होंने 1986 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की थी और 2000 में नया राज्य बनने के बाद उत्तराखंड आ गए। वर्ष 2004 में वह वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किए गए। 2008 में उन्हें उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को वे गुवाहाटी हाईकोर्ट (असम, मिजोरम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश)) में मुख्य न्यायाधीश बनाए गए।
जस्टिस धूलिया के पिता केशवचंद्र धूलिया इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे। 1985 में न्यायाधीश पद पर रहने के दौरान ही उनकी मृत्यु हुई थी। वह एक लेखक के रूप में भी जाने गए। कर्मभूमि पत्रिका में वे दिव्य चक्षु नाम से लिखा करते थे।
वहीँ जस्टिस सुधांशु धूलिया के दादा भैरवदत्त धूलिया स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और लेखक थे। उन्हें ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में भाग लेने के लिए सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने कर्मभूमि पत्रिका का संपादन भी किया।
जस्टिस धूलिया की माता रिटायर शिक्षिका हैं वर्तमान में वह देहरादून में निवास करती हैं। उनके बड़े भाई पूर्व नेवी अधिकारी हिमांशु धूलिया दून के एक विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार पद पर हैं जबकि छोटे भाई तिग्मांशु धूलिया जाने माने फिल्म निर्देशक हैं। जस्टिस धूलिया के एक पुत्र श्रेयांस धूलिया बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल में डॉक्टर हैं, जबकि एक पुत्र उत्तराखंड हाई कोर्ट में अधिवक्ता व एक अपने पिता के साथ ही हैं।



