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नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्ष पदों पर बीजेपी आगे

उत्तराखंड में 84 नगर निकायों के लिए रविवार को हुए चुनावों में नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्ष पद, मेयर पद के अब सभी  नतीजे आ छुए है. बीजेपी 34 शहरी निकायों में अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही है। जबकि 26 निकायों में कांग्रेस तथा 23 निकायों में निर्दलियों को कामयाबी मिली है। एक सीट बसपा के खाते में आई है। मेयर पदों पर सात में से पांच नगर निगमों पर भाजपा ने कब्ज़ा जमाया है। इसमें देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर शामिल है, जबकि कोटद्वार और हरिद्वार में कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए हैं। 

पार्टीजीते
बीजेपी34
कांग्रेस26
निर्दलीय23
बसपा1
कुल84

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सभासदों (वार्ड मेम्बर्स) में निर्दलियों का जलवा

नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के सभासदों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। अब तक सभासदों के कुल 1064 पदों में से 996 के परिणाम घोषित किए गए हैं। इनमें निर्दलीयों ने 542, भाजपा ने 288, कांग्रेस ने 159, बसपा 03, आप ने 02 और सपा व उक्रांद ने 1-1 सीट पर जीत हासिल की है।

पार्टी जीते
निर्दलीय542
भाजपा288
कांग्रेस159
बसपा03
आप02
सपा01
उत्‍तराखंड क्रांति‍ दल01

देवप्रयाग वार्ड नंबर 2 पर टॉस से हुआ हार जीत का फैसला

मंगलवार को उत्तराखंड निकाय चुनाव के लिए देवप्रयाग में हो रही मतगणना के दौरान अनोखा मामला सामने आया। वार्ड 2 में मतगणना पूरी होने के बाद सभासद पद की निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता देवी और संगीता देवी ने बराबर मत प्राप्त हुए। दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों को बराबर 148 वोट प्राप्त हुए। जिसके बाद दोनों के बीच टॉस कराया गया। टॉस करने के बाद प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला हुआ। जिसमे संगीता देवी को विजेता घोषित किया गया।

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रुद्रप्रयाग नगर पालिका के वार्ड नंबर 3 लॉटरी से हुआ हार जीत का फैसला

निकाय चुनाव में रुद्रप्रयाग नगर पालिका के वार्ड नंबर 3 में बेहद रोमांचक टाई हो गया जिसके बाद विजेता का चुनाव लॉटरी डालकर किया गया। यहां बीजेपी उम्मीदवार उमा देवी और निर्दलीय बीना देवी दोनों को बराबर 150-150 मत मिले। इसके बाद दोनों पक्षों में हार-जीत के फ़ैसले के लिए पर्ची डाली गई। यह पर्ची बीजेपी प्रत्याशी उमा देवी की निकली जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने बीजेपी प्रत्याशी की जीत घोषित कर दी। निर्दलीय प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने प्रशासन पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया और चुनाव आयोग में शिकायत की बात कही।