पौड़ी: इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य पदों पर सीधी भर्ती का प्रदेश भर में शिक्षक विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज राजकीय शिक्षक संघ की जनपद पौड़ी शाखा के जिला मंत्री बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने प्रधानाचार्य पदों पर सीधी भर्ती का विरोध करते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मुलाकात की।
जिस पर शिक्षा मंत्री ने जिला मंत्री को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया। जिला मंत्री विजेंद्र बिष्ट ने कहा कि इससे पहले इंटर प्रधानाचार्य पदों को शत प्रतिशत पदोन्नति से भरने का प्रावधान था। इंटर प्रधानाचार्य का पद ग्रेड वेतन 7600 वर्तमान वेतन मान लेवल 12 में है। जो लोक सेवा आयोग की परिधि में नहीं आता है। हाई स्कूल प्रधानाध्यापक पद, इंटर प्रधानाचार्य पदों की तुलना में कम है। जिस कारण अधिकांश पद रिक्त रह जाते हैं। नियमावली में शिथिलीकरण की व्यवस्था है। यदि इस व्यवस्था को और सुगम किया जाए, तो सभी पदों को प्रस्तर 3 की व्यवस्था से भरा जा सकता है।
जिससे शिक्षण व्यवस्था में काफी अधिक सुधार हो सकता है। क्योंकि एक ही पद पर 30 से 35 वर्षों तक कार्य कर चुके शिक्षक अभी तक वंचित हैं। पदोन्नति होने से उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। यदि नियमावली संशोधन की फल स्वरूप इंटर प्रधानाचार्य पदों को सीधी भर्ती से भरा जाता है, तो भर्ती प्रक्रिया में ही कई वर्ष व्यतीत हो जाएंगे तथा शिक्षकों की पदोन्नति न होने से उनका आक्रोशित होना स्वाभाविक है। इसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। अतः इंटर प्रधानाचार्य के पदों को सीधी भर्ती से न भरकर, शत प्रतिशत पदों को पदोन्नति से भरा जाए।



