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Chardham Yatra 2023: बर्फबारी के बीच पूरे विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा, 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बने साक्षी

Badrinath Dham Door Open

Badrinath Dham Door Open: उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा आज से पूरी तरह से शुरु हो गई है। गंगोत्री, यमनोत्री और बाबा केदार नाथ धाम के कपाट खुले के बाद आज भगवान बदरी विशाल के द्वार भी भक्तों के लिए खुल गए हैं। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच आज सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आज बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के इस पावन मौके पर अखंड ज्योति के दर्शन करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु धाम पहुंचे तो यात्रा पड़ावों पर चहल-पहल भी शुरू हो गई है।

भारी बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। कपाट खुलने के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा हुई तो वहीं परिसर में सेना की मधुर धुन पर यात्री भी थिरके। बदरीनाथ के सिंह द्वार से यात्रियों के दर्शन शुरू हो गए हैं। कपाट खुलने के दौरान धाम में करीब 20 हजार तीर्थयात्री पहुंचे। कपाटोद्घाटन के लिए टिहरी राजा के प्रतिनिधि के रूप में माधव प्रसाद नौटियाल भी धाम में मौजूद रहे।

वहीं बदरीनाथ यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में भी उत्साह और उल्लास का माहौल है। यात्रा पड़ावों पर जगह-जगह तीर्थयात्रियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। बदरीनाथ में तीर्थयात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं के करीब 400 वाहन पहुंच गए हैं। बदरीनाथ के साथ ही धाम में स्थित प्राचीन मठ-मंदिरों को भी गेंदे के फूलों से सजाया गया है।

12 महीने भगवान विष्णु जहां विराजमान होते हैं, उस सृष्टि के आठवें बैकुंठ धाम को बद्रीनाथ के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु यहां 6 महीने विश्राम करते हैं और 6 महीने भक्तों को दर्शन देते हैं। वहीं दूसरी मान्यता यह भी है कि साल के 6 महीने मनुष्य भगवान विष्णु की पूजा करते हैं तो बाकी के 6 महीने यहां देवता भगवान विष्णु की पूजा करते हैं जिसमें मुख्य पुजारी खुद देवर्षि नारद होते हैं।