पौड़ी: पद्मा देवी अमर देव नौटियाल चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज सुमाड़ी, विकासखंड खिर्सू में सोमवार को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में निर्धन मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा अमर देव नौटियाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके उपरांत विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।

ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. राजाराम नौटियाल ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले 30 वर्षों से ट्रस्ट द्वारा मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा, “इस कार्य की प्रेरणा हमें अपने पिताजी से मिली। उनका सपना था कि कोई भी छात्र धन के अभाव में अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान भविष्य निधि में राशि संचित की, जिससे आज हम यह सेवा कार्य कर पा रहे हैं।”

ट्रस्ट के प्रमुख सचिव हरिराम नौटियाल ने कहा कि जब हम छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित करते हैं, तो हमें संतोष और गर्व की अनुभूति होती है। हमारा प्रयास रहेगा कि यह मुहिम निरंतर जारी रहे।

विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय पाल सिंह राणा ने ट्रस्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से अन्य लोग भी प्रेरित होते हैं। इससे छात्रों को आगे बढ़ने की राह में बड़ी मदद मिलती है।

इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा 10 निर्धन मेधावी छात्र-छात्राओं को पाँच-पाँच हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। चयनित छात्रों में प्रतिष्ठा चमोली, उपासना चौहान, आराधना भंडारी, दिव्यांशी, ईशिता, आयुष, कुसुम चमोली, अंकिता पोखरियाल और वैष्णवी प्रमुख रहे। छात्रवृत्ति पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

कार्यक्रम का संचालन स्वर्ण पदक विजेता एवं महामहिम राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित अखिलेश चंद्र चमोला ने किया। उन्होंने अपनी मौलिक कविता के माध्यम से ट्रस्ट की उपलब्धियों को मंच पर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है और वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगा पाते हैं।

इस अवसर पर मधुसूदन काला, दिनेश रुडोला, सुख दैव चमोली सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने विचार रखे। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट की ओर से जलपान की व्यवस्था भी की गई।