नोएडा: उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था (रजि.) द्वारा 15वें उत्तराखंड महाकौथिग मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महाकौथिग मेले के आयोजन को लेकर मंगलवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजकों द्वारा प्रेसवार्ता कर कार्यक्रम की जानकारी दी गयी।
संस्था के मुख्य संयोजक राजेंद्र चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय लोक कला एवं हस्तशिल्प मेला 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक सेक्टर-21A स्थित नोएडा स्टेडियम में आयोजित होगा। महाकौथिग मेले में उत्तराखंड के विभिन्न अंचलों की लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इसमें लोकनृत्य, लोकगीत, जागर, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करना, स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना तथा समाज के सभी वर्गों को संस्कृति से जोड़ना है।
वहीँ संस्था के अध्यक्ष हरीश असवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष महाकौथिग के मुख्य मंच को उत्तराखंड के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम मंदिर की थीम पर सजाया जाएगा। लोक संस्कृति, रीति-रिवाज, औद्योगिक विकास एवं धार्मिक परंपराओं का अद्भुत संगम एक ही स्थान पर देखने को मिलेगा। गत वर्ष दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार मेले की अवधि पांच दिन से बढ़ाकर सात दिन कर दी गई है। हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्तराखंडी उत्पादों, आभूषणों एवं खानपान के आकर्षक स्टॉल लगाए जाएंगे।
संस्था के चेयरमैन आदित्य घिल्डियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि महाकौथिग मेले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मेले में शिरकत करेंगें। उन्होंने बताया कि शुक्रवार 19 दिसम्बर को सुबह हवन और पूजा के साथ मेले का शुभारंम होगा। जिसमें प्रत्येक दिन विभिन्न लोक गायक और गायिकाओं की प्रस्तुति भी होगी।
15वें महाकौथिग मेले का विधिवत कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा।
पहला दिन: (शुक्रवार 19 दिसम्बर) 2025
- प्रातः 9:00 बजे हवन एवं मंच पूजन,
- प्रातः11:00 बजे महाकौथिग मेले का उदघाटन
- 11:30 बजे देवभूमि स्तुतिगान प्रस्तुति।
- अपराहन 3:30 से उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण (जागर सम्राट), तथा लोक गायक नवीन पाठक द्वारा उत्तराखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति.
- शाम 7:45 बजे से 8 बजे तक महा आरती
दूसरा दिन: (शनिवार, 20 दिसम्बर) 2025
- प्रातः 9:00 बजे से 1:00 बजे तक कवि सम्मलेन
- अपराहन 3:00 बजे से 4:30 बजे तक नंदा की कथा
- शाम 4:30 बजे उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक विवेक नौटियाल, लोक गायिका दीपा नागरकोटि, लोक गायक राकेश खनवाल द्वारा उत्तराखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति.
- शाम 7:45 बजे से 8 बजे तक महा आरती
तीसरा दिन: (रविवार 21 दिसम्बर 2025)
- प्रातः 9: 00 बजे से दोपहर 1: 00बजे तक अंतर समूह नृत्य प्रतियोगिता
- अपराहन 3:30 बजे से उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक किशन महिपाल, लोकगायिका रेशमा शाह, लोक गायक कैलाश कुमार द्वारा उत्तराखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति.
- शाम 7:45 बजे से 8 बजे तक महा आरती
चौथा दिन: (सोमवार 22 दिसम्बर 2025)
- प्रातः 9: 00 बजे से दोपहर 1: 00बजे तक गढ़वाली, उत्तराखंडी नृत्य नाटिका प्रतियोगिता
- अपराहन 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक ललित फौजी, लोक गायक अमित सागर, लोक गायिका मेघना चंद्रा , सरिता पौडेल द्वारा उत्तराखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति.
- शाम 7:45 बजे से 8 बजे तक महा आरती
पांचवां दिन: (मंगलवार 23 दिसम्बर 2025)
- प्रातः 9: 00 बजे से दोपहर 1: 00बजे तक उत्तराखंड परिधान युगल प्रतियोगिता
- अपराहन 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे उत्तराखंड के लोक गायक मंगलेश डंगवाल, अजय ढौंडियाल, दीवान कनवाल द्वारा उत्तराखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति.
- शाम 7:45 बजे से 8 बजे तक महा आरती
- रात्रि 8 बजे समापन
छठवां दिन: (बुधवार 24 दिसम्बर 2025)
- प्रातः 9: 00 बजे से दोपहर 1: 00बजे तक सुपर मॉम प्रतियोगिता
- अपराहन 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा उत्तराखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति.
- शाम 7:45 बजे से 8 बजे तक महा आरती
- रात्रि 8 बजे समापन
सातवां एवं अंतिम दिन: (गुरुवार 25 दिसम्बर 2025)
- प्रातः 9: 00 बजे से दोपहर 1: 00बजे तक भजन/कीर्तन प्रतियोगिता
- अपराहन 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका स्वर कोकिला कल्पना चौहान, लोक गायक रोहित चौहान, लोक गायिका हेमा भैसोड़ा द्वारा उत्तराखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति.
- शाम 7:45 बजे से 8 बजे तक महा आरती
- रात्रि 8 बजे समापन
वहीँ खाने के शौकीन लोगों के लिए भी इस मेले में 30 से ज्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर उत्तराखंड के विभिन्न प्रकार के व्यंजन उपलब्ध रहेंगें, जिसमें में मंड़वे की रोटी, झंगुरे की खीर, अरसा, चैसोणी, कंडाली का साग, बाल मिठाई समेत अन्य उत्तराखंड के प्रमुख खाने पीने के सामान उपलब्ध होगा। इसके अलावा मंडवे की रोटी, झंगरे की खीर और कंडाली का साग का स्वाद लोगो को खूब लुभाएगा। इसके अलावा पहाड़ी उत्पादों एवं आभूषणों/परिधानों के 100 से अधिक स्टाल लगेंगे जहाँ पर मेला देखने आये लोग खरीददारी कर सकेंगे.
प्रेस वार्ता के दौरान संस्था के मुख्य संयोजक राजेंद्र चौहान, संस्थापिका कल्पना चौहान, चेयरमैन आदित्य घिल्डियाल, अध्यक्ष हरीश असवाल, संयोजिका इंदिरा चौधरी, जगत रावत, शीला पंत, मीडिया प्रभारी रजनी जोशी, सत्येंद्र नेगी, नीरज रावत सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



