surajkund mela 2026

Surajkund Mela 2026: फरीदाबाद में कल यानी 31 जनवरी से 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का आगाज होने जा रहा है। इस बार मेला और भी ज्यादा भव्य और सुंदर होने वाला है। इस साल थीम भी अलग चुनी गई है और संस्कृति, खानपान और सुविधाओं को भी बेहतर रखा जाएगा। मेले में किसी भी तरह की परेशानी ना हो, इसके लिए रूट भी साफ रखे जाएंगे। मेला स्थल को रंग-बिरंगी लाइटें और फूलों से सजाया गया है। इस बार भी देश-विदेश से लोग अपनी कला, संस्कृति, परंपरा, परिधान सहित अन्य सामग्री लेकर मेले में पहुंचे हैं, जोकि पर्यटकों को काफी पसंद आने वाला है।

कब से कब तक चलेगा मेला?

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला फरीदाबाद के सूरजकुंड में 31 जनवरी से शुरू किया जाएगा और 15 फरवरी तक चलेगा। ये मेला सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक चलेगा और यहां बच्चों के लिए भी काफी चीजें रखी जाएंगी, जिससे उन्हें बोरियत ना हो। बच्चों के लिए छोटे-बड़े झूले, खिलौने का स्टॉल भी लगाया जाएगा।

क्या रहेगी थीम?

सूरजकुंड मेले में इस बार मेघालय और उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट बनाया गया। मेले में दोनों राज्यों की हस्तशिल्प वस्तुएं, संस्कृति और मशहूर खाने मिलेंगे। मेघालय और यूपी के लिए चार-चार खास फूड स्टॉल होंगे, जहां ट्रेडिशनल स्वाद चखने का मौका मिलेगा। मेले में मिस्र (Egypt) को पार्टनर कंट्री (Partner Country) के रूप में शामिल किया गया है, जो अपनी प्राचीन संस्कृति, पिरामिड और ऐतिहासिक विरासत का प्रदर्शन करेगा।

कितना होगा टिकट प्राइस

सूरजकुंड मेला घूमने के लिए टिकट लेना जरूरी होगा। आम दिनों में बड़ों का टिकट 120 से 150 रु तक रहेगा, जबकि वीकेंड पर यह 150 से 200 रु के बीच होगा। 5 साल से छोटे बच्चों का टिकट फ्री रहेगा। 5 साल से ऊपर के बच्चों का टिकट 60 से 100 रु तक होगा। बच्चों के झूले के लिए अंदर अलग से टिकट लेना पड़ेगा।

कैसे पहुंच सकते हैं सूरजकुण्ड  मेले में

सूरजकुंड मेले के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशन बदरपुर है। आप मेट्रो से बदरपुर पहुंचकर वहां से ऑटो लेकर सीधे मेले जा सकते हैं। इसके अलावा बल्लभगढ़ से बस सेवा भी मिलेगी। 31 जनवरी से सुबह 7 बजे से हर आधे घंटे में बस चलेगी, जो मेले तक पहुंचेगी। बस का किराया 25 रुपये होगा। अगर आप एयरपोर्ट से आ रहे हैं, तो कैब लेकर आसानी से मेले पहुंच सकते हैं।

50 से अधिक देशों की रहेगी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

इस वर्ष मेले में 50 से अधिक देशों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। दुनियाभर से हैंडीक्राफ्ट कलाकार, शिल्पकार और प्रतिनिधि सूरजकुंड पहुंचेंगे। लगभग 700 विदेशी मेहमानों के आने की संभावना है, जिससे यह मेला वैश्विक सांस्कृतिक संगम का रूप लेगा।

स्टेट और कंट्री पार्टनर:

इस बार उत्तर प्रदेश और मेघालय को स्टेट पार्टनर बनाया गया है, जबकि मिस्र देश कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल हो रहा है। इन राज्यों और देश की संस्कृति, कला, खान-पान और लोक परंपराओं की झलक मेले में विशेष रूप से देखने को मिलेगी।

1300 से अधिक स्टॉलों में दिखेगा शिल्पकला का महासंगम:

मेले में कुल 1300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां देश-विदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, सजावटी वस्तुएं और लोक कलाएं प्रदर्शित की जाएंगी। आत्मनिर्भर भारत की सोच को साकार करता यह मेला कारीगरों को सीधा बाजार उपलब्ध कराएगा।

हर राज्य का स्वाद चख सकेंगे लोग

मेले में इस बार जोन टू हवेली में 20 फूड की स्टॉल लगाई जाएंगी। इसके साथ ही ऊपर की ओर फूड कोट में करीब 39 स्टॉल लगाई जाएंगी, जिसमें सभी राज्यों की स्टॉल होंगी। मेले में थीम स्टेट उत्तर प्रदेश व मेघालय को अलग से फूड स्टॉल लगाने की जगह दी जाएगी। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ सहित अन्य राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन चखने का मौका मिलेगा। मेले में पर्यटकों को अलग- अलग राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन चखने को मिलेंगे।

कितनी होगी वाहन पार्किंग फीस

सभी पार्किंग प्वाइंट्स पर पर्यटकों को सही दिशा-निर्देश देने के लिए कर्मचारी तैनात रहेंगे, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही पर्यटक मेले के लिए पार्किंग पास ऑनलाइन भी बुक करा सकेंगे। हरियाणा पर्यटन विभाग ने पार्किंग संचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपी है। पार्किंग शुल्क की बात करें तो दुपहिया वाहनों के लिए 50 रुपये शुल्क है, वहीं कार पार्क करने के लिए चालकों को 200 रुपये का भुगतान करना होगा। मिनी बस के लिए 300 रुपये और बड़ी बस के लिए 500 रुपये देने होंगे। सूरजकुंड के पांच मुख्य द्वारों के आस-पास कुल 11 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इससे किसी भी रूट से आने वाले व्यक्ति को पार्किंग को लेकर परेशानी नहीं होगी।

सूरजकुंड मेले के लिए बस सेवा

मेले में जाने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए रोडवेज की ओर से 20 बसों का संचालन किया जाएगा। मेला स्पेशल बसों की सुविधा सुबह 7 से रात के 9 बजे तक मिलेगी। इसके अलावा सरकारी छुट्टी व शनिवार- रविवार को पर्यटकों की संख्या अधिक होने पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है। बसों का संचालन प्रत्येक 30 मिनट से लेकर एक घंटे के अंतराल पर होगा।

मेट्रो स्टेशन से मिलेगी बस

बड़खल मेट्रो स्टेशन से मेले के लिए बस शटल सेवा (मिनी बसें) सुबह 8, 9, 10, 11 बजे, दोपहर 12, 1, 2, 3 बजे और शाम 4, 5 व 6 बजे तक मिलेगी। मेला स्थल सूरजकुंड से बड़खल मेट्रो स्टेशन लिए बस शटल सेवा (मिनी बसें) सुबह 8:30, 9:30, 10:30, 11:30 बजे, दोपहर 12:30, 1:30, 2:30, 3:30 बजे और शाम 4:30, 5:30 व 6:30 बजे तक मिलेगी।

सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल

ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि सड़क किनारे या गलत स्थान पर वाहन पार्क करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पोस्टल चालान भेजे जाएंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 112 पर दें। ट्रैफिक जाम या दुर्घटना की स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन नंबर 0129-2267201 पर संपर्क किया जा सकता है।

सम्मेलन होगा और फैशन शो भी

सूरजकुंड मेले की रौनक बढ़ाने के लिए बॉलीवुड के मशहूर गायक भी आ सकते हैं। मेले में मुख्य चौपाल और छोटी चौपाल पर हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। यहां गजल संध्या, फैशन शो, कवि सम्मेलन और हास्य कार्यक्रम का भी लोग आनंद ले सकेंगे।