ग्रेटर नोएडा: उत्तराखंड की पहाड़ियों पर इन दिनों ऋतुओं के राजा वसंत की अनुपम छटा बिखरी हुई है, और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी पहाड़ की हरियाली और नंदा देवी की आस्था की डोली का अहसास करा गया गौर सिटी-2 के इलेवंथ एवेन्यू में आयोजित वसंतोत्सव। उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित द्वितीय वसंतोत्सव में नंदा देवी की डोली विशेष तौर पर प्रभावकारी रही। इस अवसर पर उत्तराखंड की कला, संस्कृति, भूगोल और इतिहास के जानकार वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद प्रोफेसर प्रदीप कुमार वेदवाल ने कहा कि नंदा देवी गढ़वाल, कुमांऊ की साझा सांस्कृतिक आस्था, परंपरा और पहचान की जीवंत प्रतीक है। प्रोफेसर वेदवाल ने बताया कि सदियों से नंदा देवी को गढ़-कुमौ में शक्ति, संरक्षण और समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता रहा है।
मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करते हुए दिल्ली विधानसभा के सदस्य रवि नेगी के इस तरह के आयोजनों को प्रवास में पहाड़ के लोगों का जन्मभूमि के प्रति लगाव बताया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मां नंदा-सुनंदा देवी की ढोली यात्रा रही, जिसमें महिलाएं पारंपरिक पहाड़ी वेश-भूषा में शामिल हुईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्तराखंड के छोलिया नृत्य, ढोल-दमाऊ तथा लोकगीतों पर आधारित रंगारंग कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
खान-पान व्यवस्था में उत्तराखंड की थाली, मड़वे के मोमो, झंगोरे की खीर, पहाड़ से आई दालें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि गैर-उत्तराखंडी निवासियों ने भी देवभूमि की संस्कृति को सम्मानपूर्वक अपनाया, वहीं 150 से अधिक बच्चों ने उत्तराखंड के लोकगीतों पर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें समिति द्वारा हृदयपूर्वक सम्मानित किया गया।
यह पहली बार देखा गया कि 11th Avenue में बच्चों के लिए इतने बड़े स्तर पर अरेंजमेंट, रिफ्रेशमेंट और मोमेंटो की व्यवस्था की गई, जिसे 14 सदस्यीय कार्यकारिणी एवं उत्तराखंड समिति के सदस्यों ने मिलकर सफल बनाया।
समिति संस्थापक आशीष बिष्ट एवं कविता पांडे ने बताया कि यदि इसी तरह निवासियों का सहयोग मिलता रहा, तो भविष्य में ऐसे आयोजन और भी भव्य रूप में किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन आयुषी जुयाल ने किया।



