नई दिल्ली: दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में खुले गड्ढे में गिरने से बैंक कर्मचारी की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। महानगर दिल्ली उत्तराखंड प्रवासी संगठन (MDUPS) के अध्यक्ष कमल ध्यानी ने बुधवार को घटनास्थल का औचक निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
संगठन के अध्यक्ष कमल ध्यानी बताया कि रविवार सुबह 11 बजे घटनास्थल पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न उत्तराखंड सामाजिक एवं वेलफेयर संगठनों के लोग एकजुट होकर शामिल होंगे। प्रदर्शन में अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पहाड़ी बाहुल्य क्षेत्रों में बैनर-पोस्टर के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ध्यानी ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार की मुख्य मांगें पूरी नहीं की गईं तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों व प्रशासन की होगी।
क्या है पूरा मामला
बीती 6 फरवरी 2026 को जनकपुरी इलाके में 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की सड़क पर खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गयी थी। उत्तराखंड मूल के कमल ध्यानी एक निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थे। हादसे के दिन वह अपनी बाइक से कार्यालय से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक सड़क पर खुदे गड्डे में गिर गयी। इस हादसे में उनकी जान चली गई। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कार्य के लिए खोदा गया था। आरोप है कि मौके पर पर्याप्त बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और बाइक के नीचे दबने से मृत्यु की पुष्टि हुई है। मामले में ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। FIR के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सड़क के बीच बिना सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी चिन्ह लगाए गहरा गड्ढा खोदा गया था। रात में रोशनी की व्यवस्था नहीं थी, जिससे बाइक सवार उसमें गिर गया। घायल को फायर ब्रिगेड की मदद से बाहर निकालकर DDU अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
न्याय की मांग तेज
प्रवासी संगठनों का कहना है कि घटना ने सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।



