ग्रेटर नोएडा: सेक्टर बीटा-2 स्थित श्री वैभव लक्ष्मी मंदिर में 10-11 जनवरी 2026 की रात हुई कथित चोरी की घटना को लेकर स्थानीय निवासियों ने पुलिस कार्रवाई में देरी पर नाराज़गी जताई है। मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे भक्तों ने दान-पात्र टूटे हुए तथा सामान बिखरा पाया, जिससे चोरी की आशंका जताई गई।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार दान-पात्र से करीब पांच लाख रुपये नकद और मूर्तियों के आभूषण चोरी हुए हैं। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई तथा IGRS पोर्टल पर शिकायत संख्या 40014126001810 दर्ज कराई गई।

हालांकि प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दान-पात्र और ताले टूटे नहीं पाए गए और चोरी की पुष्टि नहीं हुई। सेक्टरवासियों ने इस रिपोर्ट को अधूरा और एकतरफा बताते हुए कहा कि घटनास्थल की वास्तविक स्थिति का सही आकलन नहीं किया गया। इसके बाद 9 फरवरी को एक और शिकायत (40014126004731) दर्ज कर पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए।

शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को सतीश नागर, अरुण कुमार, आरती शर्मा, राजवीर शर्मा, राजवीर सिंह तोमर, गौरव तोमर, सुशील शर्मा, तथागत झा, मोना यादव, रविन्द्र चंद शर्मा, नव प्रभात और जय प्रकाश रावत सहित एक नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने थाना बीटा-2 में इंस्पेक्टर विजय कुमार से मुलाकात कर घटना का विस्तृत विवरण दिया।

नागरिकों ने पूर्व जांच अधिकारी नबी हसन की जांच को संदिग्ध और अधूरी बताते हुए स्वतंत्र पुनः जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इंस्पेक्टर विजय कुमार ने भी माना कि पिछली जांच में कमियां थीं और निष्कर्ष पर्याप्त नहीं थे।

उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि अगले 15 दिनों में निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्य-आधारित जांच कर दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही दान-पात्र, CCTV रिकॉर्ड, चाबी की कस्टडी, मंदिर समिति विवाद सहित सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी।

IGRS रिकॉर्ड के अनुसार शिकायत संख्या 40014126004731 अभी “कार्यालय स्तर पर लंबित” है और थाना बीटा-2 को अग्रसारित है। सेक्टरवासियों को उम्मीद है कि इस बार जांच समयबद्ध होगी तथा मंदिर की सुरक्षा और जनता का विश्वास पुनः बहाल होगा।