ग्रेटर नोएडा: आज के दौर में जहां शादियां दिखावे और भारी-भरकम दहेज का पर्याय बनती जा रही हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा के साकीपुर गांव से समाज को नई दिशा देने वाली एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र भाटी ने अपने पुत्र अनिकेत भाटी के विवाह में दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को सिरे से नकारते हुए एक ऐतिहासिक मिसाल पेश की है। मूलरूप से साकीपुर गाँव के निवासी जितेंद्र भाटी वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फ़ा-1 में रहते हैं।
उनके बेटे अनिकेत भाटी का विवाह दिल्ली के बिहारीपुर निवासी प्रवीण की सुपुत्री निखिता के साथ सादगीपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः ‘दहेज मुक्त’ होना रही। भाटी परिवार ने लगन और सगाई के दौरान किसी भी प्रकार के उपहार लेने से इनकार करते हुए केवल 1 रुपये का प्रतीकात्मक टीका स्वीकार किया।
इतना ही नहीं, विदाई के समय भी कन्या पक्ष से कोई कीमती वस्तु या नकद राशि न लेकर मात्र 1 रुपये का कन्यादान स्वीकार किया गया। इससे विवाह को सादगी, सम्मान और सामाजिक चेतना की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया गया। फिजूलखर्ची रोकने के उद्देश्य से बारात में डीजे और शोर-शराबे से भी दूरी बनाई गई। शांत और सादगी से निकली बारात ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि विवाह दो परिवारों का पवित्र मिलन है, न कि प्रदर्शन का माध्यम।
इस अनुकरणीय पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है। सामाजिक लोगों का कहना है कि जितेंद्र भाटी का यह कदम उन परिवारों के लिए प्रेरणा है जो विवाह को आर्थिक बोझ बना देते हैं। इस विवाह ने साबित किया है कि यदि जिम्मेदार लोग आगे आएं तो दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त किया जा सकता है।



