SOP for security in government offices

देहरादून: उत्तराखंड शासन ने शासकीय कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा अप्रिय/हिंसक घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन की ओर से आदेश जारी कर सभी विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जारी शासनादेश के अनुसार, प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में समय-समय पर घटित होने वाली घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा, बचाव और प्रवेश नियंत्रण के लिए विस्तृत SOP तैयार की गई है। इसे तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं विशेष सचिव के साथ-साथ विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में SOP के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।

यह आदेश गृह अनुभाग-5 द्वारा जारी किया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यस्थलों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी प्रबंधन और सतर्कता आवश्यक है।

गृह अनुभाग-5 द्वारा जारी इस SOP में प्रवेश नियंत्रण, आगंतुक प्रबंधन, स्क्रीनिंग, आचरण मानक, प्रतिबंधित वस्तुएं, शिकायत निवारण और वार्षिक सुरक्षा ऑडिट तक की विस्तृत व्यवस्था तय की गई है।

प्रवेश एवं पहचान (Access & Identification)

SOP के तहत सभी शासकीय कार्यालयों में प्रवेश के लिए पहचान प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र धारण करना आवश्यक होगा, जबकि आगंतुकों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रवेश पास जारी किए जाएंगे। बिना अनुमति किसी को भी संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

स्क्रीनिंग व्यवस्था (Screening System)

कार्यालय परिसरों में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपकरणों एवं निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित वस्तु या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जा सके।

आगंतुक प्रबंधन प्रणाली (Visitor Management System)

SOP में आगंतुकों के पंजीकरण, उद्देश्य, संबंधित अधिकारी से अनुमति और समयबद्ध प्रवेश-निकास की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्रत्येक कार्यालय में आगंतुकों का समुचित रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा।

आचरण मानक एवं प्रतिबंधित वस्तुएं

कार्यालय परिसर में मर्यादित एवं अनुशासित व्यवहार अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, हिंसक या अनुशासनहीन गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रवेश पर पूर्ण रोक रहेगी।

शिकायत निवारण तंत्र

SOP में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्पष्ट तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान समयबद्ध ढंग से किया जा सके।

वार्षिक सुरक्षा ऑडिट

प्रत्येक शासकीय कार्यालय में वर्ष में कम से कम एक बार सुरक्षा ऑडिट कराना अनिवार्य किया गया है। इससे सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा, कमियों की पहचान और सुधारात्मक कदम सुनिश्चित किए जाएंगे।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में SOP का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। आदेश की प्रतिलिपि सचिव, राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।

शासन के इस निर्णय को प्रदेश में प्रशासनिक कार्यस्थलों की सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।