नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी दिल्ली स्थित गढ़वाल भवन में 15 मार्च को ‘कल्याणी सामाजिक संस्था’ द्वारा सातवां ‘कल्याणी सम्मान समारोह’ आयोजित किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की उन प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित करना है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है और अपने कार्यों से अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं।

कल्याणी सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उन महिलाओं को समर्पित रहेगा, जो सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज के लिए मिसाल बनी हैं। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि सम्मानित होने वाली मातृशक्ति को सम्मानित करने के लिए अतिथि भी महिलाएं ही होंगी।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला उपस्थित रहेंगी, जो नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण मानी जाती हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में विदुषी निशंक (निदेशक, स्पर्श हिमालय फाउंडेशन एवं लेखक गांव, देहरादून), ओएनजीसी की पूर्व निदेशक सुषमा रावत, हिमाद्री फिल्म्स की डायरेक्टर नीलिमा मिश्रा सहित कई विशिष्ट महिलाएं भी अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

इस वर्ष उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 11 महिलाओं को ‘कल्याणी सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। इनमें डॉ. मीना नेगी (असिस्टेंट प्रोफेसर, उत्तरकाशी), डॉ. दीपा जोशी (प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना, हल्द्वानी नैनीताल), सुषमा रावत (समाजसेवी, पौड़ी गढ़वाल), भारती सैनी (अल्मोड़ा), लीला (लोकगायिका, देवाल थराली चमोली), सरोजनी मैठाणी (रुद्रप्रयाग), डॉ. विमला (चकराता, देहरादून), सावित्री नेगी (उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, पौड़ी गढ़वाल), सुमा रावत (ग्राम जैंतोली, एकेश्वर, पौड़ी), शिवानी गुप्ता (देहरादून) और कुमारी सानिया राणा (ग्राम गिवाली, ब्लॉक पोखड़ा, पौड़ी गढ़वाल) शामिल हैं।

कल्याणी सामाजिक संस्था की अध्यक्षा बबीता नेगी ने बताया कि जब कोई महिला अपने कार्यों से समाज में नई मिसाल कायम करती है, तो उसे गुमनाम नहीं रहना चाहिए। समाज में उसे पहचान और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य उन महिलाओं को मंच प्रदान करना है, जो अपने कार्यों से समाज कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ‘कल्याणी’ नाम ही नारी शक्ति का प्रतीक है और संस्था का प्रयास है कि समाज के लिए कार्य करने वाली हर महिला को सम्मान देकर उसे और अधिक सशक्त बनाया जाए।

जगमोहन डांगी