Brigadier Mukesh Joshi Death

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर रोड़ थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग और रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत मामले में दून पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, चार आरोपी फरार हैं। इस मामले में पुलिस ने मसूरी रोड स्थित जेन जी (ZEN-Z) क्लब को भी सील कर दिया है।

घटना राजपुर रोड के पास सिनोला और जौहरी गांव के बीच हुई। ब्रिगेडियर जोशी रोज की तरह सुबह 6:39 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान दो कारों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो इतना बढ़ गया कि स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने फॉर्च्यूनर को रोकने के लिए उसके टायरों पर 8 से 9 राउंड फायरिंग की। इसी दौरान एक गोली ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गंभीर रूप से घायल ब्रिगेडियर को तुरंत मैक्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

क्या था पूरा मामला

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह घटना ओवरटेक का नहीं, बल्कि ZEN-Z क्लब में 29 मार्च की रात बिल के पैसों को लेकर हुआ विवाद का है। जिसका बदला लेने के लिए आरोपियों ने सुबह तक का इंतजार किया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि यह कल्ब बीती 29 की सुबह 2 से 2.30 बजे तक खुला था। इसके बाद सुबह पौने 4 बजे के आस पास बिल कम कराने को लेकर कल्ब में झगड़ा हो गया। इस दौरान कल्ब संचालकों ने झगड़ा कर रहे ग्राहकों की स्कॉर्पियो कार में तोड़फोड़ की। जिसका बदला सुबह उजाला होने पर लेने की योजना बनाई गई। जिसके तहत आरोपी ग्राहकों ने कल्ब संचालक संदीप कुमार का इंतजार किया। फिर सुबह करीब साढ़े 6 बजे के आस पास स्कॉर्पियो सवार युवकों ने फॉर्च्यूनर का पीछा करते हुए उसके टायर पर फायरिंग की। इसी दौरान सड़क पर टहल रहे 74 वर्षीय बुजुर्ग रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लग गई। उन्हें तत्काल मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के दौरान फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिसके बाद स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने कार सवार युवकों के साथ मारपीट कर वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और अलग-अलग टीमों का गठन किया। सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रोहित कुमार पुत्र राजेंद्र कुमार, मोहन गार्डन उत्तम नगर दिल्ली (20 वर्ष), निखिल मल्होत्रा पुत्र धर्मवीर मल्होत्रा, विकासपुरी दिल्ली (23 वर्ष), संदीप कुमार पुत्र जगदीश सिंह, अमन कॉलोनी नजफगढ़, दिल्ली (43 वर्ष) और आदित्य चौधरी पुत्र अंकुर चौधरी मुखर्जी नगर, दिल्ली (20 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे (315 और 32 बोर), जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक स्कॉर्पियो वाहन (बिना नंबर प्लेट) बरामद किया। इसके अलावा, दोनों पक्षों की कारें भी पुलिस के कब्जे में ले ली गई हैं।

पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस ने जेन-जी कल्ब को सील कर दिया है और उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने इस मामले में हत्या, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं।

भारतीय सेना में 32 साल नौकरी करने के बाद रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी पत्नी के साथ देहरादून के जोहड़ी स्थित तुला अपार्टमेंट में रहकर खुशहाल जीवन जी रहे थे। वह तुला अपार्टमेंट सोसायटी के अध्यक्ष भी थे और नियमित सुबह 6:30 पर साथियों के साथ मार्निंग वाक के लिए निकलते थे। सोमवार को भी वह अपने दो साथियों के साथ मार्निंग वाक पर निकले थे। रास्ते में दो पक्षों के बीच चल रहे झगड़े में उनकी जान चली गई। इस घटना से क्षेत्र में गमगीन माहौल बना हुआ है। स्वजन के अनुसार मुकेश जोशी वर्ष 2010 में ब्रिगेडियर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह भारतीय सेना की इंटेलिजेंस कोर में रहे और कई वर्ष जम्मू कश्मीर में सेवाएं दी।

उनका बेटा भारतीय नौ सेना में कमांडर पद पर तैनात हैं, जिनकी ड्यूटी इस समय मारिशस में है। वहीं उनकी बेटी गोवा में पत्रकार हैं, जो कि इन दिनों माता-पिता के पास आई हुई हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। घटना के संबंध में उनके बेटे को भी सूचित किया गया है, जो कि मंगलवार को देहरादून पहुंचेंगे।