नई दिल्ली: गोल मार्केट स्थित भाई वीर सिंह बस्ती के ब्लॉक 58–70 के मुख्य पार्क में रविवार, 1 फरवरी 2026 को विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में पूज्य महामंडलेश्वर हरिओम दास जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक चमन लाल जी मुख्य वक्ता रहे।
सम्मेलन में क्षेत्र की आम जनता के साथ-साथ सर्व हिन्दू समाज के प्रमुख लोग, विभिन्न मंदिरों, गुरुद्वारों, सामाजिक संस्थाओं तथा जाति-बिरादरी से जुड़े गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। कार्यक्रम में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
इस अवसर पर सेवा बस्ती, विभिन्न आवासीय क्षेत्रों तथा विद्यालयों के बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, देशभक्ति, हिन्दू सनातन परंपरा और संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने सराहा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूज्य महामंडलेश्वर हरिओम दास जी ने कहा कि हिंदू धर्म जीवन की शाश्वत पद्धति है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को जोड़ने का मार्ग दिखाती है। उन्होंने अपनी संस्कृति और मूल्यों को समझने व अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य वक्ता आरएसएस के विभाग प्रचारक चमन लाल जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष सेवा, संगठन और संस्कार की निरंतर यात्रा के प्रतीक हैं। संघ ने समाज को संगठित करने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम में पूनम जी ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सशक्त समाज और राष्ट्र की नींव सशक्त कुटुंब से पड़ती है। संस्कारित और जागरूक पीढ़ी का निर्माण कुटुंब प्रबोधन से ही संभव है।
सम्मेलन के अध्यक्ष एवं मैक्स हॉस्पिटल के कैंसर चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष दीपक अहीर जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हिंदू समाज की एकता और संगठन ही संस्कृति संरक्षण तथा राष्ट्र सशक्तिकरण का आधार है। ऐसे सम्मेलन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सकल हिन्दू समाज ने जाति-पात के भेदभाव को समाप्त करने, आपसी एकता, समरसता और सहयोग को मजबूत करने, द्वेष और हिंसा से दूर रहने तथा सत्य, अहिंसा और सेवा भाव को जीवन में अपनाने सहित पाँच सामूहिक संकल्प लिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस हिन्दू सम्मेलन का उद्देश्य हिन्दू समाज को जागरूक, संगठित और समरस बनाकर राष्ट्र के परम वैभव की दिशा में प्रेरित करना रहा।



