नई दिल्ली: नई दिल्ली के हिंदी भवन सभागार में शनिवार को रंगिली रुमुक उत्तराखंड मनभावन संगीत संध्या का आयोजन किया गया। पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत एवं कुंती दयाल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित उत्तराखंड मनभावन संगीत संध्या में उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका अनुराधा निराला एवं युवा लोक गायक रोहित चौहान ने सूफियाना अंदाज में एक से बढ़कर एक लोक गीतों की खूबसूरत प्रस्तुतियां पेशकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था के संस्थापक राजेंद्र चौहान, प्रसिद्ध व्यवसायी एवं आप नेता दिगमोहन नेगी, पीआर फिल्म के निदेशक प्रेम सिंह एवं आरपी भट्ट, उत्तराखंडी फिल्मों के निर्माता निर्देश राकेश गौड़, व्यवसायी पीएन शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी विनोद कबटियाल, गीतकार एवं कवि डॉ. सतीस कालेश्वरी, पहाड़ी घरात के संस्थापक संजय चौहान, व्यवसायी सुभाष गुसाईं ने दीप प्रज्वलित कर किया।
रंगिली रुमुक कार्यक्रम में लोक गायिका अनुराधा निराला एवं रोहित चौहान ने गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी, स्वर्गीय चंद्र सिंह राही तथा स्व. पप्पू कार्की के प्रसिद्द लोक गीतों को एक अगल अंदाज में प्रस्तुत कर कार्यक्रम में समां बांध दिया।
लोक गायिका अनुराधा निराला ने ‘चुलू जगोंदी बगत आई, कभी चुलू मुझोंदी बगत आई..नि गुटेई फेर गफ्फा तुमरी याद खान्द बगत आई..’
‘कु भग्यान होलू डाँड्यु मा यनी भोणी बाँसुरी बजाणु, बजाणु रे. होलू कुई बिचारु मैं जनु नखर्याली बांद रिझाणु, रिझाणु रे। होलू कुई बिचारु मैं जनु, होलू कुई…
“हो-हो बै, सुलपा की साज, बै, सुलपा की साज, द्विवचन बाज्यों ले दे मुल्की रीवाज, हो-हो बै, गुड़ खायो माख्योना, होरी खांदा नागी चीना, तू खांदी आंख्योना, ये तू खांदी आख्योना…” जैसे कर्णप्रिय लोकगीतों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। वहीँ लोक गायक रोहित चौहान ने नरेन्द्र सिंह नेगी जी का एक खुदेड़ लोकगीत ‘हे जी सारियों मा फूली गे होली फ्योंली लयेड़ी मै घार छोड्यावा..” तथा सात समोदर पार छौं जाणु ब्वे जाज मा जौलू कि ना.. जैसे गीतों को अपने अंदाज में प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
कुल मिलाकर रंगिली रुमुक कार्यक्रम दर्शकों को काफी पसंद आया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि डॉ. विनोद बछेती ने लोक गायिका अनुराधा निराला, लोक गायक रोहित चौहान तथा संगीतकारों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस मौके पर डॉ विनोद बछेती, राकेश गौड़, प्रेम सिंह, आरपी भट्ट, दिगमोहन नेगी, पीएन शर्मा, आदित्य घड़ियाल, डॉ. सतीस कालेश्वरी, ब्योमेश जुगराण, चारु तिवारी, प्रदीप वेदवाल, सीएम पपने, हरीश असवाल, सत्येंद्र नेगी, प्रताप थलवाल, द्वारका चमोली, प्रकाश बिष्ट, आशीष रावत, मिथुन दा कुलदीप, संजय चौहान, सुभाष गुसाईं, विनोद कबटियाल, आरपी घिल्डियाल, जगमोहन बिष्ट, दिनेश ध्यानी, संजय उनियाल, सुबोध थपलियाल, रमेश ठंगरियाल, नरेंद्र बिष्ट, दर्शन सिंह रावत, महेश पाल नेगी, चन्द्र सिंह रावत स्वतंत्र, खेमराज कोठारी, बीएन पोखरियाल, आनंद पांडेय, स्वर कोकिला कल्पना चौहान, रेनू उनियाल, कृष्णा गौड़, कोमल राणा नेगी, प्रभा बिष्ट, गीता गुसाईं नेगी, बबीता नेगी, मंजू जोशी, रिया शर्मा, विजयलक्ष्मी भट्ट, लक्ष्मी पटेल, बबली ममगाईं, कुमू जोशी भटनागर, प्रेमा धोनी, अनीता भट्ट हिमगिरी, उषा ममगाईं, सुनीता ध्यानी, अंकिता चौहान, बिंद्रा वेदवाल समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।