Delhi in the grip of floods

Delhi Flood Update: देश की राजधानी दिल्ली इस समय बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर पर पहुंच गया है। इसके चलते दिल्ली के निचले इलाकों में काफी जगह पानी आ गया है। लगातार बारिश और हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना में पानी बढ़ता ही जा रहा है। यमुना किनारे के कई इलाके तेजी से डूब रहे हैं। पानी रिंग रोड तक आ गया। कश्मीरी गेट बस अड्डा भी खतरे में है। राजघाट, ITO, पुराना किले के इलाके पानी-पानी हो गए हैं। बाढ़ का असर अब दिल्ली मेट्रो पर भी पड़ा है। आज बाढ़ के कारण रेड लाइन यमुना पुल पर मेट्रो की स्पीड कम कर दी गई।

बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों-कॉलेजों व विश्वविद्यालयों और दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) को शनिवार तक बंद करने के आदेश दिए हैं। सभी कर्मचारी शनिवार तक घर से ही काम करेंगे। प्राइवेट संस्थानों को भी एडवाइजरी जारी कर अधिक से अधिक वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की गई है।

रिंग रोड पर बाढ़ का पानी आने से आईएसबीटी, कश्मीरी गेट में हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तराखंड से आने-जाने वाली बसों का परिचालन प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए वजीराबाद, चन्द्रावल और ओखला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद करने पड़ रहे हैं। हालात को देखते हुए सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। निगमबोध घाट के निचले घाटों को भी अंतिम क्रिया के लिए बंद करने का आदेश जारी किया गया है। डीएमआरसी ने यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। हालांकि, इंटरचेंज सुविधा अभी भी उपलब्ध है और ब्लू लाइन पर सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।

दिल्ली के वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को बंद किया गया है। इससे 25 फीसदी पानी का उत्पादन कम हो गया है। दिल्ली सरकार पानी की राशनिंग करेगी। बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने एडवाइजरी जारी किया है।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता गुरुवार में आयोजित डीडीएएमए की आपात बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में मौजूद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से दिल्ली में एक-दो दिन पानी की दिक्कत हो सकती है। बाढ़ राहत कैंप के लोगों को शौचालय की समस्या को देखते हुए स्कूलों में शिफ्ट किया जा रहा है। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बने राहत केंद्रों में करीब 20 हजार लोग हैं। 50 से अधिक नावों के इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान बाढ़ से निपटने पर भी चर्चा की गई।

डीडीएमए की बैठक में राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का पानी, चिकित्सा सहायता और मोबाइल शौचालय सुनिश्चित कराने का निर्देश जारी किया गया। साथ ही आईएसबीटी, कश्मीरी गेट आने वाली अंतरराज्यीय बसों को सिंधु बॉर्डर पर रोका जाएगा। वहां से यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए डीटीसी बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रभावित क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन के लिए कर्मियों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।

चिल्ला, लोनी और बदरपुर बॉर्डर पर केवल आवश्यक सामान ले जाने वाले भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसी तरह कश्मीरी गेट और उसके आसपास के व्यापारिक, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को स्थिति में सुधार होने तक बंद रखने के लिए कहा गया है। बाढ़ के प्रति संवेदनशील सोनिया विहार, मुखर्जी नगर, हकीकत नगर क्षेत्रों में एहतियाती और सक्रिय राहत और निवारक उपाय किए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी नियंत्रण कक्ष पूर्ण समन्वय के साथ काम करें। जल स्तर बढ़ने के कारण इनके आसपास के श्मशानों को बंद कर दिया गया है, ताकि तैयारी की स्थिति में रहें।

स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को किसी भी स्थिति के प्रति सतर्क रहने और पानी कम होने पर स्थिति को संभालने के लिए तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। शहरवासियों से सामान्य अपील है कि वे अनावश्यक यात्रा एवं आवागमन से बचें। डीडीएमए की बैठक में उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री के अलावा राजस्व मंत्री आतिशी, जल, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री सौरभ भारद्वाज के साथ मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एनडीआरएफ के महानिदेशक, एनडीएमए, सीडब्ल्यूसी और आईएमडी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

वहीँ दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर रखी है। धारा 144 के तहत 4 या उससे ज्यादा लोगों के गैर-कानूनी जमावड़े और समूहों में सार्वजनिक आवाजाही पर रोक लग जाती है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है और निचले इलाकों में आवाजाही न करने की चेतावनी दी है। लोगों से कहा गया है कि चूंकि यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, इसलिए बिजली लाइन से दूर रहें और किसी भी जरूरत की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क करें।