Yamuna Expressway accident: उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा के समीप माइलस्टोन 127 पर मंगलवार सुबह 4:30 बजे घने कोहरे के चलते 8 बसें और 3 कारें टकरा गईं थीं। जिसमें 13 लोगों की जलकर मौत हो गई। 70 लोग घायल हुए। मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि बसों में कटे हुए अंग मिले हैं। जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, पहले बताया गया था कि हादसे में 5 लोगों की जान गई है। टक्कर के बाद बसों समेत सभी वाहनों में आग लग गई थी। जिससे अंदर कई लोग फंस गए थे। जबकि कई लोग कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब हो गए थे।
कैसे हुआ हादसा
मंगलवार सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 127 पर घने कोहरे में दृश्यता शून्य ही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह लगभग पौने चार बजे सबसे पहले एक अर्टिगा कार स्विफ्ट डिजायर से जा टकराई। इस पर दोनों का सवार यहीं रुककर झगड़ने लगे। इसी दौरान तीसरी ब्रेजा कार भी इनमें आ टकराई। शोर मचा ही था कि पलक झपकते ही पीछे से आ रही तेज रफ्तार डबल डेकर बस ने ब्रेजा कार में टक्कर मार दी। बस की टक्कर से तीनों कारें 10 मीटर तक घिसटती रहीं। रगड़ से कार की ब्रेजा की पेट्रोल टंकी से चिंगारी निकलने लगी और देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। फिर धीरे-धीरे आग विकराल हो गई और एक के बाद एक टकराईं बसें आग की चपेट में आ गईं। इनमें लपटे निकलनें लगीं। उसके बाद मंजर भयावह हो गया।
गाड़ियों के साथ साथ लोग भी जिंदा जलते रहे
एक के बाद एक बसें और कार इन वाहनों में आकर टकराते रहे। धूध कर वाहन जलते रहे और लोग भी जिंदा जलने लगे। यात्रियों में चीख पुकार मच गई और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन लपटें इतनी भीषण थी कि कुछ को बस से निकलने का मौका ही नहीं मिला, जिससे वह जिंदा जल गए। कुछ यात्री निकलकर एक्सप्रेस के किनारे खेतों में भाग गए। करीब एक घंटे बाद पहुंचे बचाव दल ने रेस्क्यू शुरू किया। क्षति-विक्षत को शवों को इकट्ठा करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया, झुलसे व घायलों को बलदेव सीएचसी, आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज, मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन सौ शैय्या भेज दिया।
हादसे में 70 लोग हैं घायल
हादसे में अब तक घायलों की संख्या 70 हो गई है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसा मंगलवार सुबह करीब 4.30 बजे हुआ। घने कोहरे में कम से कम 8 बसें और तीन छोटी गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यह घटना बलदेव पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई।
मथुरा के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस श्लोक कुमार ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा की तरफ कम विज़िबिलिटी के कारण गाड़ियां टकरा गईं। जिससे गाड़ियों में आग लग गई और 13 लोगों की जलकर मौत हो गई। जबकि 70 लोग घायल हो गए।
घायलों को इन जगहों पर कराया गया है भर्ती
बलदेव पुलिस स्टेशन की SHO रंजना सचान ने बताया कि मरने वालों में से दो की पहचान प्रयागराज के रहने वाले 44 साल के अखिलेंद्र प्रताप यादव और महाराजगंज ज़िले के 75 साल के रामपाल के तौर पर हुई है। सचान ने कहा कि घायलों में से पंद्रह को ज़िला अस्पताल में, नौ-नौ को बलदेव के एक कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और एक प्राइवेट अस्पताल में। जबिक दो को आगरा के SN मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दुर्घटनाग्रस्त बसों को रास्ते से हटाकर आवागमन को शुरू कर दिया गया है। वहीं यात्रियों को सरकारी गाड़ियों से उनके गंतव्य तक भेजा गया।
हादसे पर CM योगी ने भी जताया दु:ख
हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में लिखा कि मथुरा ज़िले में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाना बहुत दुखद और दिल दहला देने वाला है। मेरी गहरी संवेदनाएं दुखी परिवारों के साथ हैं।
मैंने ज़िला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का सही इलाज पक्का करने का निर्देश दिया है। मैं भगवान राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति दें और घायल जल्दी ठीक हों। हादसे में मरने वाले परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा भी की गई है।
हादसे पर पीएम मोदी ने भी जताया दुख
हादसे पर पीएम मोदी ने भी दुख जताया है। पीएमओ इंडिया के एक्स पर किए पोस्ट में लिखा गया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में लोगों की मौत बहुत दर्दनाक है। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। PMNRF से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
पांच घंटे बंद रही यमुना एक्सप्रेसवे की एक लाइन
हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे की आगरा से दिल्ली की ओर जाने वाली लाइन करीब पांच घंटे तक बंद रही। यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन कर वाहनों को नौहझील अन्य मार्गों से निकाला। करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जले व क्षतिग्रस्त वाहनों को एक्सप्रेस-वे से हटाया। इसके बाद आवागमन शुरू हुआ। मथुरा समेत तीन जिलों से आए बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद मौके से घायलों को रेस्क्यू किया। कई थानों के मौजूद पुलिस बल ने एक्सप्रेस-वे पर बिखरे पड़े यात्रियों के सामान को एक स्थान पर रखा। सुबह 4:30 बजे से 8:30 बजे तक यही सिलसिला चलता रहा।



