नोएडा: नोएडा के सेक्टर–30, डी ब्लॉक स्थित पार्क में शनिवार को भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम के संयोजक डा. नरेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन, युवा एवं मातृशक्ति की सहभागिता की। सम्मेलन में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सेवा कार्यों को विस्तार देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रूपेश कुमार ने कहा कि जातियों से ऊपर उठकर हिन्दू समाज एकत्र होगा तो हिन्दू समाज संगठित होकर भारत की सेवा करेगा। उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पूरे देश में अस्सी हजार से ज्यादा हिन्दू सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और गौतमबुद्धनगर के सांसद डाक्टर महेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सम्मेलन की मुख्य अतिथि साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि हिन्दू सम्मेलन आयोजित करने के पीछे सबसे विशेष बात यह है कि हिन्दू सुरक्षित हो और विघटनकारी ताकतों के जातियों में बांटने के इरादे पूरे नहीं होने दें। साध्वी प्रज्ञा भारती ने मातृशक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि वो बेटियों के पालन-पोषण के साथ नारी सशक्तिकरण के अवसर भी दें।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुरेश के चव्हाण ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश के 9 राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक की स्थिति में आना बहुत चिंता की बात है। उन्होंने भारत में जनसंख्या नीति लागू करके बहु पत्नी प्रथा पर रोक लगाने की मांग की।
सम्मेलन की अध्यक्षता डाक्टर अशोक कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर सेक्टर 30 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा, विनोद गौतम, सुधीर मिड्डा, ले. जनरल नितिन कोहली, ले जनरल अनिल लांबा, कर्नल कमलेश शर्मा, कर्नल आई.पी. सिंह, कर्नल एस के. वैद्य, कर्नल सी.के. शर्मा, कर्नल एस के श्रीवास्तव, कर्नल अमरीश त्यागी, सरस्वती बलूनी, मंजू वर्मा, शीतल कालरा, शालिनी ढींगरा, प्रभा देवी ‘प्रिया’, साक्षी गुप्ता, नीतू भाटी, गगनदीप कौर, आशा हल्दिया, सुनील मिश्रा, सुशील गर्ग, मनीष गुप्ता, सुधीर गोयल, सुनील कुमार शर्मा, अभ्युदय श्रीवास्तव, वीरेंद्र बिष्ट, नरेश बत्रा, उदयवीर सिंह, नवीन साहनी, अवनीश माटा आदि मौजूद रहे।



