दिल्ली: प्रज्ञा आर्ट्स द्वारा उत्तराखण्डी रंगमंच, कला और संस्कृति को समर्पित वार्षिक कार्यक्रम ‘PATA–2025’ का भव्य आयोजन 13 दिसंबर 2025 को दिल्ली के पंचकुइया रोड स्थित गढ़वाल भवन में किया गया। यह आयोजन उत्तराखण्डी सांस्कृतिक चेतना, रंगमंच और सिनेमा के विविध आयामों को समेटे एक प्रभावशाली कार्यक्रम के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम में उत्तराखण्डी सुंदरता और समझदारी पर आधारित सौंदर्य प्रतियोगिता ‘बांद पहाड़न–2025’ का आयोजन किया गया। जिसमे 12 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। चार राउंड तक चली इस प्रतियोगिता में एलिना थपलियाल ने ‘बांद पहाड़न–2025’ ख़िताब जीता। वहीँ सुरेशी दानू पहली तथा पुष्पा भट्ट दूसरी रनरअप रही।
इसके साथ ही उत्तराखण्डी फिल्मों के वर्तमान और भविष्य पर केंद्रित ‘गति–नियति’ विषय पर संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें फिल्म निर्माता संजय जोशी, सुधीर धर, मनोज चंदोला एवं राकेश गौड़ ने उत्तराखण्डी सिनेमा की दिशा और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर उत्तराखण्डी रंगमंच, कला और संस्कृति को आजीवन समर्पित कलाकारों को ‘अभिनय हस्ताक्षर–2025’ सम्मान से नवाजा गया। सम्मानित होने वालों में महेंद्र लटवाल, चंद्रा बिष्ट और पदमेन्द्र रावत शामिल रहे। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘प्रज्ञा आर्ट्स थियेटर अवार्ड्स–2025’ भी प्रदान किए गए, जिनमें अभिनय के क्षेत्र में नवोदित कलाकार कुलदीप असवाल और ममता कर्नाटक, लेखन के क्षेत्र में गिरधारी रावत तथा निर्देशन के क्षेत्र में अखिलेश भट्ट को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रज्ञा आर्ट्स थियेटर ग्रुप की आगामी प्रस्तुति ‘जय जिया रानी’ नाटक का पोस्टर विमोचित किया गया। साथ ही वर्ष 2026 का प्रज्ञा आर्ट्स का कैलेंडर ‘जिया गाथा – उत्तराखण्ड की मिट्टी से’ थीम पर जारी किया गया। इस मौके पर उत्तराखण्डी रंगमंच और त्योहारों को समर्पित प्रज्ञा आर्ट्स की त्रैमासिक पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
इसी कार्यक्रम में जोधा फिल्म्स की आने वाली फिल्म ‘घँगतोल’ के गीतों पर प्रज्ञा आर्ट्स थियेटर ग्रुप के कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के समन्वयक (मीडिया) मदनमोहन सती रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय जोशी एवं सुधीर धर उपस्थित रहे। प्रज्ञा आर्ट्स की संस्थापक एवं अध्यक्षा श्रीमती लक्ष्मी रावत ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
दिल्ली-एनसीआर के प्रबुद्ध नागरिकों, उद्योगपतियों, पत्रकारों, सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं तथा रंगमंच व फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उपस्थित जनसमूह ने आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि प्रज्ञा आर्ट्स भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तराखण्डी बोली, भाषा, संस्कृति, रंगमंच और सिनेमा को नई दिशा देता रहेगा।
कार्यक्रम के समापन पर प्रज्ञा आर्ट्स थियेटर ग्रुप की अध्यक्षा श्रीमती लक्ष्मी रावत ने सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। अंत में सभी ने जलपान के साथ इस यादगार सांस्कृतिक संध्या का आनंद लिया।



