Mahakauthig Noida 2025: नोएडा स्टेडियम में बीते सात दिनों से चल रहे 15वें महाकौथिग मेले का आज भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सफल समापन हो गया। समापन दिवस पर सुबह से लेकर देर शाम तक उत्तराखंड की लोक आस्था, संस्कृति और संगीत की शानदार झलक देखने को मिली।
अंतिम दिन के प्रथम सत्र में उत्तराखंडी भजन-कीर्तन मंडली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सुबह के सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनीषा सिंह, डीसीपी साइबर क्राइम, नोएडा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने महाकौथिग के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि नोएडा में महाकौथिग के मंच पर जागेश्वर धाम के दर्शन जैसा अनुभव हुआ। उन्होंने उत्तराखंडी खान-पान और पारंपरिक परिधानों की भी खुले दिल से प्रशंसा की।
कीर्तन मंडली प्रतियोगिता में कुल 15 टीमों के 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में सभी टीमों ने उत्तराखंड के पारंपरिक भजनों और कीर्तनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। निर्णायक मंडल में पूनम बछेती एवं प्रसिद्ध लोक गायिका स्वर कोकिला कल्पना चौहान शामिल रहीं। प्रतियोगिता में
- एकता कीर्तन मंडली, तुगलकाबाद (दिल्ली) ने प्रथम स्थान,
- मां नंदा सुनंदा कीर्तन मंडली, मयूर विहार (दिल्ली) ने द्वितीय स्थान
- उत्तराखंडी पहाड़ी बांद कीर्तन मंडली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन एंकर आयुषी जुयाल ने किया।
शाम के सत्र में रही रोहित चौहान और कल्पना चौहान के गीतों की धूम
शाम के सत्र में लोक संगीत की शानदार महफिल सजी। कार्यक्रम का शुभारंभ विजय कुमार रावल, डीजीएम, नोएडा अथॉरिटी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद लोक गायक रोहित चौहान ने “छोरी चंद्रा ज्यादा न शरमौ”…, “धन सिंह की गाड़ी”…, “बांद सुषमा….” जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं स्वर कोकिला कल्पना चौहान ने “मन लगी गे मेरु पिंगली साड़ी मा”, “मारी जालू मैरा गढ़वाल मा बाघ लग्यु…”, “बेडु पाको बरामसा….” जैसे सुपरहिट गीतों से समां बांध दिया। लोक गायिका हेमा भैंसोड़ा की प्रस्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
समापन दिवस पर नोएडा विधायक पंकज सिंह भी महाकौथिग मेले में शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार सात दिनों तक चले इस महाकौथिग मेले में करीब ढाई से तीन लाख लोगों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में महाकौथिग की पूरी टीम का मंच पर सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य संयोजक राजेंद्र चौहान, संस्थापक कल्पना चौहान, चेयरमैन आदित्य घिल्डियाल, अध्यक्ष हरीश असवाल, संयोजिका इंद्रा चौधरी, मीडिया प्रभारी रजनी जोशी, सत्येंद्र नेगी, नीरज रावत सहित समस्त महाकौथिग टीम उपस्थित रही।
समापन अवसर पर भावुक हुईं संस्थापिका कल्पना चौहान
कार्यक्रम के अंत में महाकौथिग की संस्थापिका कल्पना चौहान भावुक हो गईं। अपने समापन संबोधन में उन्होंने महाकौथिग के सफल आयोजन के लिए सभी कार्यकर्ताओं, कलाकारों, स्वयंसेवकों एवं दर्शकों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की निष्ठा और समर्पण के बिना इतना भव्य आयोजन संभव नहीं हो पाता।
वहीं महाकौथिग के अध्यक्ष हरीश असवाल ने अध्यक्षीय संबोधन में आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों, अतिथियों एवं दर्शकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस वर्ष महाकौथिग में उमड़ी दर्शकों की भारी भीड़ ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जो उत्तराखंड की लोक संस्कृति के प्रति लोगों के बढ़ते प्रेम को दर्शाता है।
अंत में महाकौथिग के मुख्य संयोजक राजेंद्र चौहान ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों के स्नेह और सहयोग से प्रेरित होकर अगले वर्ष महाकौथिग को और भी भव्य एवं आकर्षक रूप में आयोजित किया जाएगा, ताकि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को और व्यापक मंच मिल सके।
महाकौथिग नोएडा 2025 ने एक बार फिर राजधानी क्षेत्र में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक संगीत को मजबूती से स्थापित किया।



