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देहरादून : नीति आयोग द्वारा जारी स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में उत्तराखंड का शानदार प्रदर्शन रहा। संयुक्त राष्ट्र की ओर से तय मानकों के आधार पर देशभर के सभी राज्यों में शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा की गुणंवत्ता को लेकर किये गए सर्वे में उत्तराखंड ने देशभर में चौथा स्थान हासिल किया है।

गुरुवार को नीति आयोग ने देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (SDG) इंडेक्स का चौथा संस्करण जारी किया। जिसमें केरल 100 में से 80 अंकों के साथ पहले, 74 अंकों के साथ हिमाचल दूसरे, 71 अंकों के साथ गोवा तीसरे तथा उत्तराखंड 70 अंकों के साथ देश में चौथे स्थान पर है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि आगे प्रयास किया जाएगा कि उत्तराखंड पहले स्थान पर आए।

बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब इस बार भी बहुत रहा है। बिहार 29 अंकों के साथ अंतिम नंबर पर है। जबकि 51 अंकों के साथ उत्तर प्रदेश 18वें नंबर पर है। केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो चंढ़ीगढ पहले, दिल्ली दूसरे और जम्मू कश्मीर और लदाख एक साथ केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में 49 अंक के साथ संयुक्त रूप से नीचले पायदान पर है। खास बात ये है सभी देशों में भी ये सर्वे किया गया है, जिसमें भारत को 57 अंक हासिल हुये, वहीँ देशभर में उत्तराखंड को 70 अंक हासिल हुए हैं। यानी हमारे देश की तुलना उत्तराखंड से करें तो उत्तराखंड देश से 13 अंक ज्यादा शैक्षणिक गुणंवत्ता में है।

नीति आयोग की ओर से 2030 तक राज्यों को शिक्षा के क्षेत्र में क्या बेहतर करना चाहिए इसे लेकर ये सर्वे किया गया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा दुनिया के देशों के लिए तय मानकों के आधार पर किए जा रहे कार्य को आधार मानकर यह रैकिंग तय की जाती है। सर्वे के तहत स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति, ड्रोप आउट बच्चे, स्कूलों में शिक्षकों की संख्या, कक्षा-कक्ष, बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम, छात्रों को स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं समेत कई मानकों को देखा जाता है।

SDG रैंकिग में भी केरल रहा टॉप पर बिहार फिसड्डी

नीति आयोग ने गुरुवार को देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार रिपोर्ट ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स एंड डैशबोर्ड 2020-21’ जारी की। नीति आयोग की रिपोर्ट में इस बार केरल टॉप स्थान पर रहा है, जबकि बिहार का प्रदर्शन लगातार तीसरे साल भी सबसे खराब रहा है। झारखंड की स्थिति भी अच्छी नहीं है और वह बिहार से ऊपर है।

इसमें भी उत्तराखंड टॉप 5 में शामिल होने में सफल रहा। इस रिपोर्ट में पांच टॉप परफॉर्मर राज्यों की लिस्ट में केरल प्रथम, दूसरे नंबर पर हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, उत्तराखंड, चौथे नंबर पर सिक्किम और पांचवें नंबर पर महाराष्ट्र है।

वहीँ पांच फिसड्डी राज्यों की बात करें तो बिहार सबसे नीचे हैं। इससे ऊपर झारखंड है फिर नंबर असम का आता है। फिर अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, राजस्थान और उत्तर प्रदेश का नंबर आता है। इसके बाद छत्तीसगढ़, नागालैंड और ओडिशा का नंबर आता है।