श्रीनगर: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर में 27वां बाल प्रतिभा सम्मान समारोह अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले 200 मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ पत्रकारिता एवं समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकारों को भी आदर्श उत्कृष्ट शिक्षक शिरोमणि सम्मान एवं आदर्श उत्कृष्ट पत्रकारिता शिरोमणि सम्मान से नवाजा गया। इसके साथ ही सभी उपस्थित लोगों को जीवन में कभी नशा न करने की प्रतिज्ञा दिलाई गई तथा “हमारा संकल्प—नशा मुक्त, खुशहाल उत्तराखण्ड” के संदेश के साथ जन-जागरूकता का आह्वान किया गया।

राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित, गढ़वाल मंडलीय नशा उन्मूलन नोडल अधिकारी तथा राजकीय इंटर कॉलेज सुमाड़ी में कार्यरत डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला द्वारा आयोजित यह 27वां बाल प्रतिभा सम्मान समारोह प्रत्येक वर्ष की भांति ग्रामीण अंचलों में अध्ययनरत मेधावी छात्रों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, ओएनजीसी के पूर्व महाप्रबंधक डी.एस. भंडारी ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित करने हेतु इस प्रकार के आयोजन शिक्षा जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने शिक्षक डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं के संसाधनों से छात्रों को सम्मानित करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने मेधावी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सबसे पहले स्वयं की देखभाल करना सीखना चाहिए—शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनना आवश्यक है। साथ ही आध्यात्मिक रूप से स्वयं को सुदृढ़ करते हुए समय का सदुपयोग करें, स्वयं को पहचानें, अच्छे मित्र बनाएं और अच्छे लोगों से प्रेरणा लें, लेकिन नकल न करें। अपने भीतर मौजूद अच्छे गुणों को और बेहतर बनाने का निरंतर प्रयास करें।

विशिष्ट अतिथि, उत्तराखण्ड लोकायुक्त के पूर्व अपर सचिव जीवन चंद्र उप्रेती ने समारोह की सराहना करते हुए कहा कि बाल प्रतिभा सम्मान समारोह के साथ-साथ नशा उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा जागरूकता अभियान पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन के लिए समाज को एकजुट होकर इसे जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में इस कार्यक्रम को और अधिक भव्य एवं व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राकेश मोहन कण्डारी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य महेंद्र नेगी, हरेंद्र कुमार, श्वेता बिष्ट, उम्मेद सिंह मेहरा, बीना मेहरा, मीना डोभाल, अशोक कुमार बड़ोनी, शीतल, डॉ. चन्द्र प्रकाश निराला, रश्मि रतूड़ी, जय प्रकाश डिमरी सहित अनेक शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बाल प्रतिभा सम्मान समारोह में सम्मानित विद्यालय

27वें बाल प्रतिभा सम्मान समारोह में विद्या मंदिर श्रीनगर, सरस्वती विद्या मंदिर श्रीकोट, राजकीय इंटर कॉलेज सुमाड़ी, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाख, गहड़, राजकीय इंटर कॉलेज खंडाह, राजकीय इंटर कॉलेज स्वीट, मरखोड़ा, राजकीय माध्यमिक विद्यालय हटेड़ीखाल, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर सहित विभिन्न विद्यालयों के 200 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

आदर्श उत्कृष्ट सम्मान से सम्मानित शिक्षक व पत्रकार

समारोह में शिक्षिका अरुणा नौटियाल, जगदेश्वरी पंवार, मुकेश चन्द्र मैठाणी, आचार्य राजेन्द्र पुरोहित, प्रवीन कुमार भट्ट, डॉ. अजय रौतेला, नरेन्द्र तिवाड़ी, दुर्गा जोशी तथा दून मेडिकल कॉलेज के उपाचार्य महेंद्र भंडारी को आदर्श उत्कृष्ट शिक्षक शिरोमणि सम्मान प्रदान किया गया।

वहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार धनवीर बिष्ट, परमानंद कुकरेती एवं मनमोहन सिंधवाल को आदर्श उत्कृष्ट पत्रकारिता शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया गया।