7-year-old boy dies after being hit by a car in Farson village

गैरसैंण: विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत फरसों गांव में सोमवार शाम करीब पांच बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 7 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। तेज रफ्तार वैगनआर कार (UK 11 7088) ने बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

टक्कर के बाद दूर तक घिसटता रहा बच्चा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चा वाहन के साथ काफी दूर तक घिसटता चला गया। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गहरी चोटें दर्ज हुईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को उपचार के लिए भेजा।

बताया जा रहा है कि कार एक महिला चालक चला रही थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उठे सवाल

घायल बच्चे को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण ले जाया गया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि वहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को श्रीनगर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गैरसैंण का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र “अस्पताल कम, रेफर सेंटर ज्यादा” बनकर रह गया है। उनका आरोप है कि यदि समय पर समुचित इलाज मिलता तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

ग्रामीणों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने महिला चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केवल वाहन सीज करना पर्याप्त नहीं, बल्कि सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटना को दो दिन बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि पुलिस का रवैया ढुलमुल दिखाई दे रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ रही है।

हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आंदोलन की चेतावनी

गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूम की असमय मौत से गांव में मातम पसरा है और हर कोई यही पूछ रहा है — क्या इस त्रासदी के बाद व्यवस्था जागेगी?