Career counseling seminar on science in the himalayas organized

Science in the Himalayas : कारगिल शहीद कुलदीप सिंह राजकीय इंटर कॉलेज खंडाह पौड़ी गढ़वाल में यूकोस्ट की ओर से साइंस इन हिमालया विषय पर आधारित करियर गाइडेंस एवं काउंसलिंग पर एक सेमिनार आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ हिमालयी विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति एवं सलाहकार पूर्व शिक्षा मंत्री भारत सरकार डॉ. राजेश नैथानी, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुनीत नैथानी तथा फ्यूचर आईकॉन डॉक्टर अक्षिता बहुगुणा एवं डॉ सुप्रिया, विद्यालय के प्रधानाचार्य आरपी किमोठी ने दीप प्रज्वलित कर किया.

इस अवसर पर स्वागत गान एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए.

 

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सलाहकार एवं प्रति कुलपति डॉ राजेश नैथानी ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने अंदर वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर विद्यार्थी अपने अंदर जिज्ञासा एवं ललक रखें और पढ़ने की दृढ़ इच्छा रखे तो आगे बढ़ने की अनेक साधन है. और उनके लिए विदेशी विश्वविद्यालय में भी छात्रवृत्तिया हैं. और इस प्रकार के विद्यार्थियों की वे सदा सहायता करेंगे. उन्होंने अपने बचपन में के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह पाटी से शिक्षा ग्रहण कर अमेरिका में पढ़ने और पढ़ाने का कार्य कर पाए, तो यह सिर्फ इच्छा शक्ति का ही प्रतिफल है. उन्होंने छात्रों से गढ़वाली में संवाद कर विद्यार्थियों से आत्मीयता प्रकट की और विद्यार्थी उनके संवाद से अभिभूत नजर आए.

उन्होंने कहा कि निसंदेह नई शिक्षा नीति 2020 के लागू होने से नए भारत की परिकल्पना भी सार्थक होगी. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सुनीत नैथानी ने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए और सकारात्मकता से ही मंजिल प्राप्त की जा सकती है .

इस अवसर पर फ्यूचर आइकॉन डॉक्टर अक्षिता बहुगुणा ने कहा कि विद्यार्थियों को विशेष आयोजन पर ध्यान देना चाहिए. अपने अंदर रचनात्मक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना चाहिए था छात्रों ने उनके मार्गदर्शन एवं परामर्श से अभिभूत नजर आए.

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गणित अध्यापक संतोष पोखरियाल ने कहा कि विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अध्ययन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पढ़ाई का संघर्ष जितना लम्बा होगा सफलता उतनी ही शानदार होगी. उन्होंने कहा कि निर्धनता पढ़ाई में बाधक न बने इसके लिए वे सदा प्रयत्नशील रहते हैं.

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य आरपी किमोठी ने कहा कि परोपकाराय संतों विभूतय: इस अवसर पर राजकीय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष जयदीप रावत, मनोज काला, डायट चढ़ीगांव के प्रवक्ता जगमोहन कठैत, विमल ममगाईं, बीएस नेगी, गोविंदलाल नथवाल, कुंज बिहारी सकलानी, भगवती प्रसाद गौड़, भास्करानंद गौड़, जसपाल बिष्ट, हेम चंद ममंगाई, दलबीर सिंह शाह, अनीता मेवाड़, लक्ष्मी सेन, संतोषी रौथाण, कपिल मुयाल, राकेश रुडोला, हंसाधर नौडियाल आदि उपस्थिति रहे. कार्यक्रम का संचालन राजवीर सिंह बिष्ट द्वारा किया गया.

इस अवसर पर डॉ राजेश नैथानी ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री भारत सरकार डॉ निशंक के कार्यकाल में नई शिक्षा नीति 20 पर अपने देश के कुलपतियों, शिक्षाविदों, छात्रों एवं आम जनमानस से नई शिक्षा नीति पर राय देने को कहा. साथ ही उन्होंने विदेशी विद्यालयों से भी नई शिक्षा नीति पर विचार मांगे. तब जाकर शिक्षा नीति का मसौदा तैयार हुआ. यह डॉक्टर निशंक की व्यापक सोच को दर्शाता है.

कार्यक्रम में डॉक्टर एसपी सिंह पूर्व कुलपति वर्चुअल तरीके से जोड़कर मौसम परिवर्तन और कार्बन जस्टिस की जानकारी दी. वर्चुअल मोड से डॉक्टर लुईस UMCEC ने कहा कि वेदों में संपूर्ण ज्ञान निहित है. वाडिया साइंस के निदेशक कलाचंद सेन ने’ बच्चों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए सुझाव दिया.