पौड़ी: सरकार द्वारा गोवंश के संरक्षण के लिए नीति तो बनाई जाती है, किन्तु पशुओं का तिरस्कार अभी भी देखने को मिल रहा है। गौ सेवा आयोग द्वारा पशुओं के संरक्षण के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया भी जाता है, परन्तु इसके बावजूद भी कुछ पशुपालक निर्ममता से बाज नहीं आ रहे हैं। इस प्रकार के पशुपालकों को चिन्हित किया जाए जो निर्ममता से पशुओं का तिरस्कार कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई तो हो पर कैसे? एक ओर जहां गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने लिए लक्ष्मण सिंह बुटोला पौड़ी से केदारनाथ तक आंदोलन कर रहे हैं। जिससे पशुओं के साथ हो रहे तिरस्कार को रोका जा सके।
जनपद पौड़ी के विकासखंड कल्जीखाल के मनियारस्यूं बिलखेत क्षेत्र के अंतर्गत सड़क पर पशुओं के पैर बांधकर छोड़े जाने का मामला प्रकाश में आया है। बीते शाम कुंड निवासी प्रेम सिंह नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि जब वह सतपुली से घर की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने पशुओं के पैर बांधे देखे। इस तरह से पशुओं के पैर बंधे होने से उन्हें जंगली जानवर आसानी से अपना शिकार बना सकते हैं।
इस क्षेत्र में इस प्रकार की घटना पहले भी देखी गई हैं। कतिपय पशुपालकों द्वारा दूध-घी खाने के बाद वृद्ध पशुओं की देखभाल करने के बजाय उसके साथ इस प्रकार की निर्ममता की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से इस प्रकार के पशुपालकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है।
अभिषेक नेगी