पौड़ी: विकास खंड कल्जीखाल के अंतर्गत ग्राम पंचायत डांगी के राजस्व गांव उडड़ा में आयोजित होने वाला ‘सरकार जनता के द्वार’ जनता दरबार कार्यक्रम अव्यवस्थाओं और सूचना के अभाव की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नामित जिला सांख्यिकी अधिकारी राम सलोने को करनी थी, लेकिन सूचना क्रांति के इस दौर में भी ग्राम पंचायत डांगी के किसी भी जागरूक नागरिक को जनता दरबार की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। सूचना के अभाव में विभागीय अधिकारी कभी राजस्व गांव उडड़ा तो कभी ग्राम डांगी के बीच भ्रमित होकर चक्कर काटते रहे। इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
समाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी ने बताया कि वह गांव के ही नहीं जनपद में एक प्रमुख समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार हैं, उन्हें खंड विकास अधिकारी ने दूरभाष पर जानकारी दी की आपकी ग्राम पंचायत में डांगी में जनता दरबार है। ग्राम पंचायत अधिकारी ने भी बताया कि कल आपके यहाँ जनता दरबार है और आपके ग्राम पंचायत सदस्यों को भी शपथ ग्रहण करवाई जाएगी। जिसमें स्वयं भी वह ग्राम पंचायत सदस्य हैं। एक जागरूक नागरिक होने के नाते उन्होंने जितने भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बैठक को लेकर जानकारी ली उन्हें बताया गया की बैठक ग्राम डांगी में है।
हालांकि, बाद में यह सामने आया कि नामित नोडल अधिकारी द्वारा ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम राजस्व गांव उडड़ा में निर्धारित किया गया था। परिणामस्वरूप सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को पुनः उडड़ा जाना पड़ा, जहां जनता दरबार में मात्र तीन फरियादी ही उपस्थित हुए।
समाजिक कार्यकर्ता नव निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्य जगमोहन डांगी ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी ग्राम पंचायत में प्रधान पद रिक्त है। पंचायत सदस्य निर्वाचित होने के बावजूद अब तक उनका संवैधानिक शपथ ग्रहण नहीं कराया गया है, जिससे ग्राम पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं, जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सरकार जनता के द्वार’ की मंशा को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ वे मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएंगे।



