पौड़ी: गढ़वाल वन प्रभाग की कार्यशैली से नाराज़ सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
कल्जीखाल ब्लॉक के डांगी गांव निवासी जगमोहन डांगी का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार, भालू, बंदर और लंगूर के हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। कई स्थानों पर इन हमलों में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि मवेशियों को भी लगातार नुकसान पहुंच रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही ठोस समाधान नहीं निकाला गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
डांगी ने बताया कि जंगली जानवरों के भय के कारण उनके गांव का हाईस्कूल पिछले छह माह से पंचायत भवन में संचालित हो रहा है। गांव के बीच स्थित पंचायत भवन में छात्रों को पढ़ाई के लिए उपयुक्त वातावरण नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों और लंगूरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि वे वृद्धों और बच्चों पर झपट्टा मार रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। इसी के चलते ग्रामीणों को वन विभाग को जगाने के लिए सांकेतिक धरना देने को मजबूर होना पड़ा।
धरने के उपरांत जगमोहन डांगी ने जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मामले में डीएफओ गढ़वाल को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं और उचित कार्रवाई की जाएगी।



