Navpancham Rajyoga: 23 फरवरी को गुरु-शुक्र एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा, जिससे तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।
उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” बताते हैं कि गुरु बृहस्पति को सबसे प्रभावशाली और शुभ ग्रहों में गिना जाता है। आमतौर पर गुरु लगभग एक वर्ष में राशि परिवर्तन करते हैं। लेकिन पिछले वर्ष 2025 में मिथुन राशि में प्रवेश के बाद वे अतिचारी गति से संचरण कर रहे हैं। इस कारण वे एक ही वर्ष में कम से कम दो से तीन बार राशि परिवर्तन करेंगे। वर्तमान में गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं। इस राशि में स्थित रहने के दौरान गुरु की विभिन्न ग्रहों के साथ युति और दृष्टि संबंध बनते रहेंगे। इसीक्रम में दैत्यों के गुरु शुक्र के साथ उनकी कोणीय स्थिति बन रही है, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है। गुरु और शुक्र के इस विशेष संयोग से कुछ राशियों के जातकों के लिए लाभकारी हो सकता है। इन राशियों को बिजनेस-करियर में खूब लाभ मिलने के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल के अनुसार, 23 फरवरी को सुबह 01:29 बजे शुक्र और गुरु एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है। इस समय कुंभ राशि में शुक्र और मिथुन राशि में गुरु विराजमान है। ऐसे में गुरु-शुक्र के संयोग से पहले ही नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है।
मीन राशि
इस राशि के जातकों के लिए गुरु-शुक्र का नवपंचम राजयोग की मायनों में खास हो सकता है। इस राशि के जातकों के लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती है। भौतिक सुखों की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। इस राशि के बारहवें भाव में मंगल और चौथे भाव में मिथुन विराजमान है। नवपंचम राजयोग के प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। इस दौरान उच्च पद और प्रतिष्ठा प्राप्त होने के योग बन सकते हैं, साथ ही समाज में मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। लंबे समय से जिस कार्य में आप मेहनत कर रहे थे, उसमें अब सफलता मिलने के प्रबल संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय खास तौर पर अनुकूल साबित हो सकता है। परिवार के साथ सुखद समय व्यतीत होगा और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन रहे हैं।
कर्क राशि
गुरु-मंगल का नवपंचम राजयोग अत्यंत शुभ और लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इस अवधि में शनि के कुप्रभाव की वजह से अगस्त 2025 से महत्वपूर्ण लोगों से बिगड़े हुए संबंधों में सुधार होगा भाग्य का पूरा साथ मिलने के संकेत हैं। इस राशि की गोचर कुंडली के बारहवें भाव में गुरु और आठवें भाव में मंगल विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग काफी लाभकारी हो सकता है। यदि कुंडली में बुध की स्थिति को मजबूत कर दिया जाए तो नेतृत्व क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे कार्यक्षेत्र में सही और प्रभावी निर्णय लेने के साथ-साथ दूसरों का मार्गदर्शन भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे।आत्मविश्वास में बढ़ोतरी के कारण अपने लक्ष्यों को अधिक दृढ़ता और सफलता के साथ प्राप्त कर पाएंगे। यह समय सकारात्मक दृष्टिकोण और योजनाबद्ध सोच विकसित करने का अवसर देगा। यदि आप समझदारी, धैर्य और विवेक के साथ आगे बढ़ेंगे, तो सफलता निश्चित रूप से आपके साथ रहेगी।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग कई क्षेत्रों में लाभ दिला सकता है। इस राशि के लग्न भाव में मंगल और पांचवें भाव में गुरु विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने के योग नजर आ रहे हैं। गुरु बृहस्पति के प्रभाव से करियर में नए और बेहतर अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इस दौरान भाग्य का भरपूर साथ मिलने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में तरक्की के साथ पदोन्नति के योग बन रहे हैं, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से सम्मान और सराहना भी मिल सकती है। जो लोग नया व्यवसाय या कोई नया कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। साथ ही, स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह अवधि संतोषजनक और सकारात्मक रहने की संभावना है।
ज्योतिष शास्त्र के मर्मज्ञ आचार्य दैवज्ञ कहते हैं कि ग्रहों को कुंडली में यदि शांत कर दिया जाता है, तो जिस राशि के लिए जो फलादेश बताया जा रहा है गोचर में वह निश्चित रूप से एकदम सटीक साबित हो सकता है।



