नई दिल्ली: सरकार ने सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार नगर निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (MTNL) का आपस में विलय का ऐलान कर दिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है। यूनियन कैबिनेट की ओर से इन सरकारी कंपनियों के मर्जर के ऐलान के बाद केंद्रीय प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दोनों कंपनियों के जो कर्मचारी वीआरएस लेना चाहते हैं उन्हें काफी अच्छा पैकेज मिलेगा। सरकार ने साफ किया कि बीएसएनएल और एमटीएनएल को न तो बंद किया जा रहा है और न ही उनका विनिवेश हो रहा है। हालात सुधारने के लिए दोनों कंपनियों का मर्जर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि BSNL और MTNL का मर्जर होने में कुछ समय लगेगा। तब तक MTNL BSNL की सब्सिडियरी के रूप में काम करेगी। बतादें कि बीएसएनएल को मासिक वेतन के रूप में 850 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता है। बीएसएनएल में 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।
Union Minister Ravi Shankar Prasad: Neither MTNL or BSNL are being closed, nor being disinvested, nor is being hired to any third party. pic.twitter.com/Zbnqg4bJhy
— ANI (@ANI) October 23, 2019