देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य में ऊर्जा व ईंधन बचत, पर्यटन, चिकित्सा शिक्षा, चकबंदी और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री व मंत्रीगणों के फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी करने, सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे करने और वर्क फ्राम होम को अधिकतम दिन करने का निर्णय किया है।
करीब सवा दो घंटे चली कैबिनेट बैठक में ऊर्जा और ईंधन बचत को लेकर तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसके तहत सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने, मंत्रियों के वाहन बेड़े को आधा करने और सरकारी खरीद में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य करने का निर्णय लिया। इसके अलावा सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के ज्यादा इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही होमस्टे नियमों में संशोधन, पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी और चिकित्सा शिक्षा विभाग के पुनर्गठन जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
सप्ताह में एक दिन रहेगा ‘नो व्हीकल डे’
कैबिनेट ने फैसला लिया है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन बेड़े में गाड़ियों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” घोषित किया जाएगा। इस दिन वर्क फ्रॉम होम के तहत कार्य होगा और आम लोगों को भी निजी वाहन का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों को भी वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकारी और निजी भवनों में एसी के उपयोग को सीमित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
सरकारी कर्मचारी इस्तेमाल करेंगे सार्वजनिक परिवहन:
सरकारी एवं निजी भवनों में एयर कंडीशनर (AC) के इस्तेमाल को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से ज्यादा विभाग हैं, उनकी ओर से एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।
नई ईवी पॉलिसी और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर,
नए सरकारी वाहनों में शामिल होंगे 50 फीसदी ईवी वाहन:
राज्य सरकार जल्द नई ईवी पॉलिसी लाएगी। नए सरकारी वाहनों की खरीद में 50 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और नेटवर्क का विस्तार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
लगाए जाएंगे पीएनजी कनेक्शन:
पीएनजी (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी (PNG) उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana) के तहत रूफ टॉप सोलर (Rooftop Solar) को बढ़ावा दिया जाएगा।
गोबर गैस को बढ़ाने पर जोर:
गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया। इतना ही नहीं खनन (Mining), सौर (Solar) और पावर प्रोजेक्ट्स (Power Projects) की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लाई जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में होगी स्वैच्छिक चकबंदी
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक और आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। हर पर्वतीय जिले में 10 गांवों का लक्ष्य रखा गया है। गांव के 75 प्रतिशत लोगों की सहमति होने पर चकबंदी समिति का गठन किया जाएगा।
चकबंदी प्रक्रिया में डिजिटल नक्शों का उपयोग होगा और आपत्तियों के निस्तारण के लिए 120 दिन की समय सीमा तय की गई है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों की बिखरी जमीन बड़े खेतों में बदलेगी और कृषि कार्य आसान होगा।
विजिट माई स्टेट से बढ़ाया जाएगा घरेलू पर्यटन:
विजिट माई स्टेट (Visit My State) अभियान के जरिए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में डेस्टिनेशन वेडिंग्स को प्रोत्साहन और सिंगल विंडो क्लीयरेंस (Single Window Clearance) की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है।
एक साल तक सोने की खरीद को करें सीमित:
प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मेरा भारत, मेरा योगदान जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। मेड इन स्टेट (Made in State) अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में मेक इन इंडिया नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा। नागरिकों को एक साल तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।
खाद्य तेल के इस्तेमाल पर कमी लाने के प्रयास:
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके इस्तेमाल में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लो ऑयल मेनू अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
खेती के लिए किए जाएंगे ये प्रयास:
किसानों को प्राकृतिक खेती (Natural Farming), जीरो बजट खेती (Zero Budget Farming) और बायो आधारित (Bio-Inputs) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
होमस्टे में अब 8 कमरे तक की अनुमति
उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब होमस्टे में कमरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है।
पहले होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट के लिए अलग-अलग नियम थे, लेकिन अब इन्हें एक नियमावली में शामिल किया गया है। रिन्यूअल फीस ऑनलाइन जमा होने पर लाइसेंस स्वतः रिन्यू माना जाएगा।
सरकार “विजिट माय स्टेट” अभियान के जरिए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देगी। धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण, विरासत और इको-टूरिज्म सर्किट का प्रचार किया जाएगा। डेस्टिनेशन वेडिंग और सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग का पुनर्गठन
कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। विभाग में पहले 29 पद थे, जिन्हें बढ़ाकर 40 किया जाएगा।
इसके तहत वित्त नियंत्रक, कनिष्ठ अभियंता, प्रशासनिक अधिकारी, लेखाकार, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, मल्टी परपज वर्कर और वाहन चालक समेत कई नए पद सृजित किए गए हैं।
मेडिकल कॉलेजों में संविदा पर संकाय सदस्यों की नियुक्ति अब सचिव स्तर से की जाएगी। पहले इसके लिए विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री की मंजूरी जरूरी होती थी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति आदि के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान किये जाने की कैबिनेट ने प्रदान की मंजूरी।
लैब टेक्नीशियन संवर्ग का पुनर्गठन
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत लैब टेक्नीशियन संवर्ग के ढांचे को आईपीएचएस मानकों के अनुसार पुनर्गठित किया जाएगा।
इसके तहत मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के 266, टेक्निकल ऑफिसर के 54 और चीफ टेक्निकल ऑफिसर के 25 पदों सहित कुल 345 पदों को पुनर्गठित करने का निर्णय लिया गया है।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और फॉरेंसिक विभाग को मंजूरी
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट, चंपावत के संचालन के लिए प्रधानाचार्य सहित कुल 16 पदों को मंजूरी दी गई है।
वहीं विधि विज्ञान प्रयोगशाला विभाग में 15 नए पद सृजित किए गए हैं। इनमें 5 वैज्ञानिक अधिकारी, 5 ज्येष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और 5 प्रयोगशाला सहायक शामिल होंगे।
लघु जल विद्युत परियोजना नीति में बदलाव
कैबिनेट ने लघु जल विद्युत परियोजना विकास नीति 2015 में संशोधन को मंजूरी दी है। डेवलपर्स की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को शून्य किया गया है।
अब फॉरेस्ट और एनवायरनमेंट क्लियरेंस मिलने के बाद परियोजना शुरू करने की समय सीमा तय होगी।
अल्पसंख्यक शिक्षा और राजस्व नियमावली में बदलाव
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता नियम-2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख समुदाय के शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता, नवीनीकरण और समाप्ति की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में भी संशोधन किया गया है। अब केवल कंप्यूटर ज्ञान नहीं, बल्कि 8000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज-इंटरनेट का ज्ञान भी जरूरी होगा।
पंचायत भवन निर्माण राशि दोगुनी
पंचायतीराज विभाग के अंतर्गत पंचायत भवन निर्माण के लिए मिलने वाली राशि 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है।
इसके अलावा विधानसभा के विशेष सत्र के सत्रावसान को मंजूरी दी गई। साथ ही यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में संशोधन करते हुए “नियुक्त” शब्द हटाने को मंजूरी दी गई है। अब बाहरी व्यक्ति भी निदेशक पद के लिए पात्र हो सकेंगे।



