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देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से अक्सर इस मौसम में कुदरत का कहर बरपता है, यहाँ दैवीय आपदा (बादल फटने और भूस्खलन) से हर साल दर्जनों लोग बेमौत मरते हैं। अकेले टिहरी जनपद में राज्य गठन के बाद से अब तक बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में 69 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

गुरुवार देर रात भी टिहरी और चमोली जिले में बादल फटने से हुए भूस्खलन के मलबे में 5 लोग जिन्दा दफ़न हो गए. पहली घटना टिहरी जिले के अंतर्गत नैलचामी के थार्ती गाँव की है. जहाँ गुरुवार देर रात बादल फटने से आये सैलाब में थार्ती गांव निवासी सुमन सिंह का आवासीय भवन जमींदोज हो गया. जिसमे सुमन सिंह बुटोला की पत्नी मकानी देवी (35 वर्ष) और छह साल का बेटा सुरजीत सिंह जिन्दा ही दफ़न हो गए. जबकि 13 वर्षीय बेटी सपना कमर तक मलबे में दबी हुई थी। जिसे गांव के एक युवक ने बचा लिया। इसके अलावा थार्ती गाँव के कई मकानों में भी मलबा घुस गया। यही नहीं बादल फटने से आये मलबे के सैलाब में आसपास के 9 पैदल पुल, 8 नहरें, पेयजल लाइन, सम्पर्क मार्ग, विद्युत लाइन के साथ ही ट्रांसफार्मर भी बह गया।cloudburst-in-uttarakhand

चमोली के फल्दियागांव में मां-बेटी मलबे में जिन्दा दफन

गुरुवार रात टिहरी जनपद के अलावा चमोली जनपद में भी बादल फटने से जनहानि के साथ भारी तबाही हुई है. प्राप्त सूचना के मुताबिक गुरुवार देर रात चमोली जनपद के देवाल ब्लॉक के फल्दियागांव में बादल फटने से गांव के पास बहने वाले गदेरे में आये मलबे के सैलाब में एक महिला व एक बच्ची जिंदा दफन हो गई. जानकारी के मुताबिक बादल फटने से गदेरे में आये सैलाब की तेज आवाज से डरकर करीब 40 से अधिक ग्रामीण अपना सब कुछ छोड़कर ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने लगे. इसी दौरान गाँव के रमेश राम की पत्नी पुष्पा देवी (27) और 7 वर्षीय पुत्री ज्योति सैलाब की चपेट में आ गई और देखते ही देखते दोनों मलबे में दफन हो गए। इस जलजले ने गदेरे के पास बसे 12 मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा इसकी चपेट में आने से गाँव की 10 गौशालाएं बह गई/क्षतिग्रस्त हो गई हैं. जिसके चलते गौशालाओं में बंधे 2 दर्जन से अधिक मवेशियों की दब कर मौत हो गई है। इसके साथ ही गांव के संपर्क मार्ग, पेयजल लाइन एवं कृषि भूमि को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा शुक्रवार को श्रीनगर के पास फरासू में भूस्खलन से एक युवक स्कूटी सहित उफनती अलकनंदा में समा गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद चमोली एवं टिहरी में बादल फटने से हुयी मानव क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति एवं दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की घटनाओं के दृष्टिगत एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से संवेदनशील स्थलों को चिन्ह्ति कर सभी जिलों में आपदा प्रबन्धन तंत्र को सक्रिय रखने के भी निर्देश दिये हैं। आपदा राहत में रिस्पांस टाइम कम से कम करते हुए जान-माल के नुकसान पर अविलम्ब राहत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।