goa night club fire: गोवा के नाइट क्लब में शनिवार रात को हुए भीषण अग्निकांड देश के विभिन्न राज्यों के कुल 25 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नाइट क्लब के 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल हैं। इनमें ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई। क्लब के कर्मचारियों में असम, बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के लोग शामिल थे, जिनकी इस हादसे में मौत हो गई।

इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले 25 में से 9 लोग उत्तराखंड मूल के थे। जिसमे से 4 लोग पर्यटक के रूप में गोवा घूमने गए थे। जबकि 5 युवक नाईट क्लब में काम करते थे।

जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के परिवार के पांच लोग गोवा में छुट्टी मानने गए थे, जिसमें से चार लोगों की गोवा के भीषण अग्निकांड में मौत हो गई। जबकि एक सदस्य किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा। मृतकों में दो लोग मूल रूप से मल्ला बाड़ी गांव अल्मोड़ा के निवासी थे। ये दोनों वर्तमान में दिल्ली में रहते थे। वहीं दो महिलाएं बागेश्वर की निवासी थीं। सभी लोग एक ही परिवार से हैं। मरने वालों में तीन सगी बहनें हैं।

मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी विनोद कबड़वाल (पुत्र लीलाधर कबड़वाल), अपनी पत्नी भावना, भाभी कमला कबड़वाल (पत्नी नवीन कबड़वाल) और दो साली अनीता जोशी और सरोज जोशी (बागेश्वर निवासी) के साथ गोवा गए थे। शनिवार रात को परिवार के सभी पांच लोग नाइट क्लब में गए थे, तभी वहां अचानक से आग लग गई। आग की इन लपटों में फंसकर विनोद कबड़वाल, कमला कबड़वाल, अनीता जोशी और सरोज जोशी की मौत हो गई। सिर्फ भावना ही वहां से जिंदा बचकर वापस आ पाई। इस घटना के बाद भावना गहरे मानसिक सदमे में हैं और उनका चिकित्सकीय उपचार जारी है।

गोवा घूमने के लिए गए परिवार को चार बहने कमला कबड़वाल, भावना कबड़वाल, अनिता जोशी और सरोज जोशी गई थीं, जिसमे केवल भावना कबड़वाल ही अपनी जान बचाने में सफल रहीं, जबकि बाकी तीन बहने आग की चपेट में आ गई और उनकी मृत्यु हो गई।

इनके अलावा इस अग्निकांड में जान गंवाने वालों में जितेंद्र सिंह, सुमित नेगी, मनीष सिंह, सतीश सिंह और सुरेंद्र सिंह शामिल हैं। इनमें मनीष सिंह चंपावत के रहने वाले थे। जबकि, जितेंद्र और सतीश सिंह टिहरी के रहने वाले थे।

बेसमेंट में फंसे लोग, दम घुटने से 23 लोगों की मौत

शनिवार की रात ‘बिर्च बॉय रोमियो लेन’ में लगभग 150 पर्यटक मौजूद थे। 11:45 बजे इलेक्ट्रिक पटाखों से चिंगारी निकली और सीधा क्लब की छत पर लगी लकड़ी की सीलिंग पर गिरी। पूरे क्लब में लकड़ी की सीलिंग लगी थी, जिसके कारण आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के बाद ज्यादातर पर्यटक अपनी जान बचाकर भाग निकले। मगर, क्लब में आने-जाने का रास्ता एक ही था और मुख्य द्वार को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया था। ऐसे में अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए बेसमेंट की तरफ भागे। मगर, बेसमेंट से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। बेसमेंट में वेंटीलेशन नहीं था, जिससे आग से उठने वाला धुआं हर तरफ भर गया। ऐसे में दम घुटने के कारण 23 लोगों की मौत हो गई। आग पर काबू पाने के बाद जब पुलिस बेसमेंट में पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर हैरान रह गई। सभी लोगों के शव एक के ऊपर एक पड़े थे। वहीं, 2 शव बेसमेंट की सीढ़ियों पर भी पड़े मिले।

इस मामले में अब तक क्लब के जनरल मैनेजर समेत चार स्टाफ को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने नाइट क्लब के मालिक लूथरा ब्रदर्स को भी इसमें आरोपी बनाया है, लेकिन वो दोनों देश को छोड़कर भागने में कामयाब हुए हैं। गोवा पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जिस दिन नाइट क्लब में आग लगी थी, उसी दिन क्लब मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा ने मुंबई से थाईलैंड भाग गए थे। उन्होंने इंडिगो की फ्लाइट 6E 1073 पकड़ी और फुकेट चले गए।