देवप्रयाग: समान नागरिक संहिता दिवस की पूर्व संध्या पर ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय, देवप्रयाग (टिहरी गढ़वाल) में समान नागरिक संहिता का महत्व” विषय पर निबंध प्रतियोगिता एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में समान नागरिक संहिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

विचार गोष्ठी में समान नागरिक संहिता समिति के संयोजक डॉ. इलियास अहमद ने तीन तलाक़ तथा दत्तक पुत्र–पुत्री के पिता की संपत्ति पर अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता से सामाजिक न्याय और समानता को मजबूती मिलती है।

कार्यक्रम में डॉ. सोनिया ने समान नागरिक संहिता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे समाज में समान अधिकारों की भावना सुदृढ़ होती है। वहीं डॉ. आदिल ने लिव-इन रिलेशनशिप के कानूनी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून सभी जाति, धर्म, वर्ग और क्षेत्र के लोगों पर समान रूप से लागू होता है तथा इसमें महिला और पुरुष दोनों के अधिकार सुरक्षित हैं।

निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजकों ने ऐसे शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की बात कही।