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 रुद्रप्रयाग: उत्तराखण्ड के केदारनाथ धाम में भारी बारिश के चलते 2013 की आपदा जैसे हालत पैदा हो गए हैं। पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते केदारनाथ धाम के गरूड़चटटी को जोड़ने वाला पैदल पुल उफान पर बह रही मंदाकिनी नदी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त होने के साथ ही डूब गया है।

बता दें कि केदारनाथ धाम के गरूड़चटटी में इन दिनों कई जगह पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। कई मजदूर गरूड़चटटी में पुनर्निर्माण कार्य करने में लगे हैं। भारी बारिश के कारण गरूड़चटटी को जोड़ने वाला पैदल पुल मंदाकिनी नदी के उफान में क्षतिग्रस्त होने के साथ ही डूब गया है। जिस कारण कई मजदूर, साधु संत नदी के उस पार ही फंस गये हैं। मजदूरों एवं श्रधालुओं के सम्मुख अब खाने का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में अब मजदूर उफान पर आई मंदाकिनी नदी को रस्सी के सहारे जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं। इसके साथ ही रस्सी के सहारे केदारनाथ धाम में मजदूरों के लिये खाना भी पहुंचाया जा रहा है। इस नेक कार्य में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की लड़कियां सबसे आगे हैं। रस्सी के सहारे उफनती मंदाकिनी के उपर से गरूड़चट्टी की ओर राहत सामग्री पहुंचाने का काम लड़कियां कर रही है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। बिना किसी डर और खौफ के ये लड़कियां आसानी से रस्सी के सहारे नदी को पार कर रही हैं। एक तरफ नीचे से उफान पर बह रही मंदाकिनी नदी और उसके उपर रस्सी के सहारे लटक रही जिंदगी।

पिछले दो दिनों से केदारनाथ धाम में मंदाकिनी नदी विकराल रूप लेकर बह रही है। जिस कारण केदारनाथ धाम में हालात अस्त-व्यस्त हो गये हैं। केदारनाथ पुलिस चौकी इंचार्ज बिपिन चन्द्र पाठक ने बताया कि केदारनाथ में हालात सामान्य हैं। बारिश और नदी का जल स्तर कम हो गया है। नदी पार फंसे मजदूरों को रस्सी के सहारे खाना भेजा जा रहा है। प्रत्येक गतिविधि पर नजर है।