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प्रतीकात्मक तसवीर

देहरादून: कोरोना वायरस के चलते उत्तराखंड में अब किसी भी मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर के परामर्श के बिना खांसी जुकाम, बुखार व दर्द की दवाईयां नहीं बेचीं जाएंगी। मंगलवार को फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स कमिश्नर डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। कैमिस्ट की दुकानों पर रेट लिस्ट लगाकर उचित मूल्य पर सेनेटाइजर व मास्क की बिक्री करने के भी निर्देश दिए गए।

medical-orderकोरोना वायरस का संक्रमण जिस तेजी से दुनियाभर में फ़ैल रहा है यह पूरे विश्व के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों में इसे महामारी घोषित किया जा चुका है। इसके लक्षण भी खांसी, जुकाम और बुखार की तरह ही होते हैं। ऐसे में कई बार लोग खांसी, जुकाम आदि को गंभीरता से नहीं लेते हैं और नजदीकी मेडिकल स्टोर से साधारण खांसी, जुकाम की दवा लेकर खुद का इलाज शुरू कर देते हैं। इस कारण शुरूआत में यह बीमारी पकड़ में नहीं आ पाती है और बाद में घातक बन सकती है। इसीलिए फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स प्रशासन की ओर से सभी मेडिकल स्टोरों को आदेश जारी कर कहा गया है कि कोरोना वायरस पूरे विश्व में गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रदेश सरकार ने वायरस को माहमारी रोग घोषित किया है। कोई भी कैमिस्ट बिना डॉक्टर के परामर्श के बिना किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुकाम, बुखार व दर्द की दवाईयां न दें।