उत्तराखंड के राजनितिक गलियारों से बड़ी खबर है, कर्नल (रि.) अजय कोठियाल ने आख़िरकार आज सोमवार को आम आदमी पार्टी की सदस्यता ले ली है। सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में ‘मिशन उत्तराखंड नवनिर्माण’ कार्यक्रम के तहत कर्नल कोठियाल ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया व प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर के नेतृत्व में आप कार्यकर्त्ताओं ने कर्नल कोठियाल का जोरदार स्वागत किया।
हरिद्वार बाइपास रोड स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में आप पार्टी के समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वर्चुअल संबोधन में अजय कोठियाल को भोले का फौजी बताया। केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड से बाहर अगर कहीं उत्तराखंड है तो वह दिल्ली में है। उत्तराखंड के बारे में कहावत है कि उत्तराखंड का पानी और जवानी, उत्तराखंड के ही काम नहीं आता। अब यह तस्वीर बदलेगी। केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाएंगे। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा को भी निशाने पर लिया और कहा कि पिछले बीस साल में ये दोनों दल बदल-बदल कर सत्ता सुख भोगते रहे और इन्होंने प्रदेश के लिए कुछ नहीं किया।
आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने कहा कि हमें खुशी है कि आज ऐसा व्यक्ति आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ रहा है। जिसमें अपने प्रदेशवासियों को आगे बढ़ाने का जज्बा है। इसके लिए उन्होंने कर्नल अजय कोठियाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप पार्टी ने दिल्ली में बेहतर काम किया है। बेरोजगारी और हेल्थ सेक्टर में पार्टी उत्तराखंड में भी मजबूती से काम करेगी। पार्टी का मकसद युवाओं को आगे रखकर प्रदेश में विकास करना है।
आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में कर्नल कोठियाल को प्रमुख जिम्मेदारी देने का संकेत भी दिया। सीधे-सीधे कर्नल कोठियाल को सीएम पद का चेहरा तो घोषित नहीं किया गया लेकिन यह साफ कर दिया गया कि उनके नेतृत्व में ही उत्तराखंड मिशन को अंजाम दिया जाएगा। सैन्य बाहुल प्रदेश में सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले कर्नल कोठियाल को पार्टी में शामिल करने का आप पार्टी का यह अभियान अब कांग्रेस और भाजपा को परेशान कर सकता है।
इस अवसर पर कर्नल अजय कोठियाल ने कहा ईमानदारी से बदलाव की कोशिश के लिए ही उन्होंने आप पार्टी की सदस्यता ली है। सेना के सेवाकाल के अनुभवों को साझा करते हुए कर्नल कोठियाल ने कहा कि आप पार्टी में शामिल होने से पहले उन्होंने दिल्ली के विकास के माडल का अध्ययन किया। वे इससे प्रभावित हुए। दिल्ली में उत्तराखंड बसता है। अब उत्तराखंड में बदलाव होगा। कोठियाल ने 19 अप्रैल के दिन ही एसएसबी के बाद अपने सैन्य जीवन की शुरूआत की थी। 19 अप्रैल को ही उन्होंने आप पार्टी का दामन थामकर राजनीतिक जीवन की शुुरूआत भी की।
कौन हैं कर्नल अजय कोठियाल (AK)
कर्नल अजय कोठियाल उत्तराखंड काफी में जाना-पहचाना नाम हैं। कर्नल कोठियाल का जन्म 26 फरवरी 1969 को ग्राम चौंफा, जिला टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड में हुआ था। उन्हें बचपन से ही आर्मी में जाने का शौक था। कर्नल अजय कोठियाल 1992 में चौथी गढ़वाल में बतौर सैन्य अधिकारी शामिल हुए। कर्नल अजय कोठियाल का सेना में शानदार प्रदर्शन रहा है। 2002 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान उन्होंने अकेले 17 आतंकवादियों को ढेर किया था। इस अभियान के लिए उन्होंने ऐसी तकनीक अपनाई थी जिसे बाद में सेना के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया। इस अभियान के लिए उन्हें कीर्ति चक्र प्रदान किया गया था। इसके अलावा इस जाबांज सैन्य अधिकारी को सेना में रहते हुए शौर्य चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल, सैन्य सेवा, आपरेशन विजय मेडल सहित दर्जन भर प्रशस्ति मेडल मिले हैं। 2012 में एवरेस्ट फतह कर चुके कोठियाल के नाम 8163 मीटर ऊंची नेपाल की मनासलू चोटी को पहली बार फतह करने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। यही नहीं 1999 मे जब कारगिल की लड़ाई हुयी थी तो वे पहली टीम के कैप्टिन थे। वे उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) मे प्रधानाचार्य भी रह चुके हैं।
इसके अलावा वर्ष 2013 मे जब केदारनाथ मे आपदा आयी थी तो कर्नल कोठियाल ने केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाई। केदारनाथ आपदा के दौरान उन्होंने अपनी ओर से गठित दलों के साथ 6500 फंसे यात्रियों सहित 46 विदेशियों को रेस्क्यू किया था। उनके ही प्रयासों से वैकल्पिक यात्रा मार्ग तैयार हुआ और पहली बार एयर फोर्स का एमआई 26 केदारनाथ में उतर सका।
केदारनाथ में आपदा आई थी, तब कर्नल कोटियाल वहां अपनी टीम के साथ राहत एवं बचाव कार्य में गये। वहां उन्हें कुछ ऐसे युवा मिले, जिन्होंने इस कार्य में काफी मदद किया। इन युवाओं के पास कोई रोजगार नहीं था। तब कर्नल कोटियाल ने उन बेरोजगार युवाओं को ट्रेनिंग देने का निश्चय किया। कुछ समय बाद भर्ती रैली हुई जिसमें अधिकांश युवा सेना में भर्ती हो गए।
इससे उत्साहित होकर कर्नल कोठियाल ने इस कार्य को आगे बढ़ाने की सोची और यूथ फाउंडेशन ट्रस्ट की नींव रखी। आज उत्तराखंड के कई जिलों में ऐसे प्रशिक्षण कैंप खुले है जो युवाओं को प्रशिक्षण देते हैं। युवाओं का पूरा खर्चा यूथ फाउंडेशन ही वहन करता है। यहाँ पर युवाओं को सैन्य ट्रेनिंग पारंपरिक तरीकों से दी जाती है। और लिखित परीक्षा की भी तैयारी कराई जाती है।
यूथ फाउंडेशन द्वारा अब तक 20 हजार से भी ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जिसमे से करीब 12 हजार युवा सेना व अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती हो चुके हैं। ट्रेंनिंग कैंप में लड़कियों को भी ट्रेनिंग दी जाती है। कर्नल अजय कोटियाल युवाओ को हमेशा सेना मे जाने के लिए प्रेरित करते रहते है। उनके शिविरों मे ट्रेनिंग देकर युवाओं को सेना में जाने के लिए तैयार किया जाता है।



