ग्लेडियोलस

सतपुली : विकासखंड पोखड़ा के अन्तर्गत ग्राम मेलगांव के दिव्यांग धर्मपाल सिंह नेगी ने अपनी दिव्यांगता को अपने हौसले के सामने विफल कर अपने गांव में ही स्वरोजगार अपनाकर फूलों व सब्जी की खेती को अपनी आय का जरिया बनाया। धर्मपाल सिंह नेगी पिछले 8 वर्षों से अपने गांव में ही सब्जी का उत्पादन कर रहे हैं। जिसे वो निकटतम पोखड़ा, सेडियाखाल व अन्य बाजारों में बेचकर अच्छी कमाई करते है और साथ में 8 अन्य लोगो को भी रोजगार देते हैं।

इस वर्ष धर्मपाल सिंह नेगी ने अपने खेतों में सजावट के लिए प्रयोग लाये जाने वाला ग्लेडियोलस फूल लगाया जो की इस समय तैयार है और इसका मूल्य लगभग एक लाख पचास हजार रुपये है। लेकिन कोरोना महामारी के कारण उनका फूल बिक नही पाया जिससे कि उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ा। सारे के सारे फूल खेत में ही सूखते जा रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना महामारी से हुए इस नुक्सान में सरकार उनकी मदद करे ताकि वे अगले वर्ष दुगनी मेहनत और जज्बे के साथ इन फूलों का उत्पादन करने के लिए प्रेरित हो सकें साथ ही क्षेत्र के युवाओं में भी स्वरोजगार के प्रति विश्वास पैदा हो सके।

जहाँ पहाड़ में युवा रोजगार की तलाश में है वहाँ धर्मपाल सिंह नेगी उनके लिए प्रेरणास्रोत है जो राह दिखा रहे है कि इस प्रकार से भी पहाड़ में स्वरोजगार अपनाकर अपनी आय को बढ़ा सकते है। धर्मपाल सिंह नेगी कहते है कि पहाड़ में स्वरोजगार अपनाकर हम अपने जीवन को सुरक्षित कर सकते है साथ ही अच्छी कमाई कर अपने परिवार के साथ और लोगों को भी रोजगार दे सकते है। युवाओं के लिए उनका कहना कि आज का युवा नई तकनीकि से साथ इस कार्य को और बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

ग्लेडियोलस के फूलों को सारे विश्व के लोग बहुत पसंद करते हैं। यह एक सदाबाहार फूल का पौधा है जिसके पत्ते तलवार जैसे, फूल का बाहरी हिस्सा चिमनी के जैसे मुड़े हुए और शाखाएं चम्मच की तरह होती है। इसके फूल अक्तूबर-मार्च के महीने में खिलते हैं। इससे कई प्रकार के फूल बनते हैं जैसे गुलाबी से लाल, हल्के जामुनी से सफेद, सफेद से क्रीम और संतरी से लाल आदि। यह कई बीमारीयों जैसे ज़ुकाम, दस्त, फफूंद संक्रमण और गर्दन तोड़ बुखार आदि के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है।

मनीष खुगशाल स्वतन्त्र  (सतपुली)