Garhwal University Students strike in Srinagar: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में CUET के आधार पर होने वाले प्रवेश में उत्तराखंड के छात्रों को 50 प्रतिशत आरक्षण सहित तीन सूत्रियां मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि सीयूईटी प्रक्रिया सही नहीं है। इससे उत्तराखंड के छात्रों को हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सोमवार से अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के आगे अपना अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। सोमवार को विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य संदीप राणा, विभाग संगठन मंत्री शाश्वत खण्डूडी एवं आयुष कंडारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओें ने प्रशासनिक गेट के सम्मुख विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों ने कहा कि लम्बे समय से तीन सूत्रियां मांगों पर कार्यवाही कर छात्रों को लाभ पहुंचाने की मांग की जा रही है। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्रों की उपेक्षा कर रहा है। जिससे छात्रों में आक्रोश व्याप्त है।
आक्रोशित छात्रों ने गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में राज्य के छात्रों को 50 फीसदी आरक्षण, स्नोतकोत्तर में प्रवेश के लिए 5 प्रतिशत कैंपस वेटेज व रिक्त सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाने की मांग पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नही होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश में प्रदेश के छात्रों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। यहां की विषम परिस्थितियां हैं, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी और गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है। छात्रों ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने गढ़वाल विश्वविद्यालय बनाने के लिए आंदोलन किया, हम इसे बचाने के लिए आंदोलन करेंगे।
एबीवीपी के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य संदीप राणा ने कहा कि तीन प्रमुख मांगों को लेकर एबीवीपी लम्बे समय से मांग करती आ रही है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की अनदेखी कर रही है। कहा कि प्रदेश भर में गढ़वाल विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी महाविद्यालयों और संस्थानों में धरना प्रदर्शन शुरू करेगी। कहा कि जल्द से मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होती है तो वह आमरण अनश्न पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अन्न्पूर्णा नौटियाल ने छात्रों को धरना समाप्त करने की अपील की
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों को धरना समाप्त करने की अपील की। कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र भेजा गया है। सीयूईटी के आधार पर होने वाले प्रवेश में उत्तराखंड के छात्रों को 50 प्रतिशत आरक्षण नीतिगत मामला होने के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर निर्णय नहीं ले सकता है। इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ही निर्णय ले सकता है।



