नई दिल्ली: उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी कमेटी दिल्ली ने राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी और अचिन्हित आन्दोलनकारियों की चिन्हीकरण प्रक्रिया पुनः शुरू करने की मांग की।
दिल्ली–एनसीआर के अचिन्हित आन्दोलनकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2008 में जारी शासनादेश (जीओ) के ‘च’ बिंदु के तहत अखबार की कतरन और जिलाधिकारी के विवेकाधिकार के आधार पर आन्दोलनकारियों का चिन्हीकरण किया गया था। इसी बिंदु के अंतर्गत 2008 से 2017 तक तक आन्दोलनकारी चिन्हित हुए थे। वर्ष 2017 में दिल्ली–एनसीआर से इसी च बिंदु के अनुसार 375 आन्दोलनकारियों का चिन्हीकरण किया गया और 13 जिलों में उनका सत्यापन भी हो गया है। परन्तु उत्तराखंड सरकार ने कुछ महीनों बाद 2017 में इस च बिन्दु को जीओ से हटा दिया था, जिसके कारण चिन्हीकरण प्रक्रिया अधर में लटक गई। समिति ने मांग की है कि सरकार ‘च’ बिंदु के साथ नया शासनादेश जारी करें, ताकि सत्यापित आन्दोलनकारियों को चिन्हीकरण का लाभ मिल सके।


