कल्जीखाल: विकास खंड कल्जीखाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सम्पन्न होने के बाद क्षेत्र पंचायत की प्रथम बीडीसी बैठक रविवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित की गई। क्षेत्र पंचायत प्रमुख गीता देवी की अनुपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता ज्येष्ठ प्रमुख संजय पटवाल ने की। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और विभागीय अधिकारियों के बीच विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में अधिकांश क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भालू और बाघ जैसे वन्य जीवों की बढ़ती सक्रियता को सबसे गंभीर समस्या बताया। क्षेत्र पंचायत सदस्य सीरों प्रीति नेगी ने बताया कि भालू की दहशत से ग्रामीण लगातार भयभीत हैं। इस पर प्रभागीय उप वन अधिकारी एवं वन क्षेत्र अधिकारी दिनेश चंद्र नौटियाल ने जनप्रतिनिधियों को गश्त बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा बैठक में लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और जल संस्थान की लापरवाहियों के मुद्दे भी खूब छाए रहे। जनपदीय अधिकारियों की अनुपस्थिति पर क्षेत्र पंचायत सदस्य रोहित अंथवांल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तो हमें रोज ही मिलते रहते हैं, लेकिन आज वे भी बिना तैयारी के पहुंचे, जिससे सवालों के जवाब अधूरे रहे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय डबराल ने राउमा विद्यालय, कल्जीखाल में लम्बे समय से रिक्त पद पर अंग्रेजी शिक्षक की नियुक्ति की मांग उठाई, जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया। ग्राम प्रधान सीरों मीना धस्माना ने बताया कि उनके गांव के विद्यालय के बच्चे शौचालय न होने से झाड़ियों में जाने को मजबूर हैं, जबकि गांव पूर्व मुख्यमंत्री का मूल गांव भी है।
है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रोहित अन्थवल ने बताया कि मां ज्वाल्पा धाम का संस्कृत विद्यालय (गुरुकुल पद्धति) सरकार की अनदेखी का शिकार है। कनिष्ठ प्रमुख दीपक असवाल ने सहकारिता विभाग पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मान जरूरी है। किसी भी कर्मचारी की शिकयत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों पर भेदभाव करने का खुला आरोप लगाया जिसमें डीडीओ मनविंदर कौर ने उन्हें आश्वासन दिया कि आगे से किसी भी जनप्रतिनिधि को शिकयत नहीं मिलेगी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य अंजू रावत ने घंडियाल–पाली–डांगी–शहीद मनीष पटवाल मोटर मार्ग पर जल संस्थान द्वारा सड़क का पुस्ता काटने से मार्ग की चौड़ाई कम होने और भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
ग्राम प्रधान खरका चंद्र प्रकाश खर्खवाल ने कृषि विभाग पर असली कृषकों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह विगत बीस वर्षों 20 नाली पर नगदी फसलों की खेती कर रहे हैं, लेकिन जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए घेरबाढ़ के लिए कोई सहयोग नहीं मिल पाया। जिस कारण वह भी खेती से मुंह मोड़ रहे है।
कनिष्ठ प्रमुख दीपक असवाल ने कहा कि वन विभाग के एनओसी के चक्कर में शहीद के गांव में सड़क नहीं बन पाई। जिसके कारण शहीद परजिनों और क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है।
बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, अंचल बिष्ट आरडब्ल्यूडी, कृषि भूमि संरक्षण अधिकारी अरविंद भट्ट, सहायक अभियंता लोनिवि फिरोजखान, खंड विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश बलूनी, सहायक खंड विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद भट्ट, खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी आश्चर्य कुमार, सहायक पंचायत अधिकारी पंकज कुमार, भागवत सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



