उत्तराखंड की लोक संस्कृति को संजोने और पहाड़ की परंपराओं को मंचों के माध्यम से नई भूमिका में उकेरने के लिए पहाड़ के तमाम सांस्कृतिक संगठन निरंतर प्रयासरत है। इन्हीं संस्थाओं की लीक में शामिल है, ‘जागतोली दशज्यूला महोत्सव मेला कमेटी’ जिनके सानिध्य में रूद्रप्रयाग के दशज्यूला क्षेत्र के अंतर्गत जागतोली के विशाल प्रागण में नंदाअष्टमी के अवसर पर तीन दिवसीय लोकपारंपरिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
6 सितंबर से 8 सितंबर 2019 तक आयोजित होने वाले इस सांस्कृति उत्सव में पहले दिन मुख्य अतिथि के तौर पर केदारनाथ के विधायक मनोज रावत मंच पर विराजमान होंगे तो निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मी राणा भी मंच की शोभा बढ़ाएंगी। दशज्यूला महोत्सव के आयोजन के लिए आयोजन समिति को बधाई देते हुए केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने देवभूमि संवाद को बताया कि मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैं इस सांस्कृतिक आयोजन में इस सांस्कृतिक मंच पर मौजूद रहूंगा। जहां भगवान शिव एवं माँ नंदा का आशीर्वाद तमाम क्षेत्र वासियों के साथ-साथ हमें भी मिलेगा। मैं समिति को बधाई देता हूं की वह इस तरह के आयोजन से न सिर्फ अपने सांस्कृतिक परिवेश को जींवत कर रहे है, अपितु हमारे लोक उत्सवों को नया मंच भी दे रहे है।
जागतोली दशज्यूला महोत्सव के दूसरे दिन सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप सिंह रावत और अगस्तमुनि के निवर्तमान ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण शिरक्त करेंगे। इसी के साथ महोत्सव के तीसरे दिन 8 सितंबर को उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे तो सामाजिक पटल पर जरूरमंद लोगों के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति के लिए समर्पित समाज सेवी एवं दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजय दरमोड़ा विशिष्ट अतिथि और उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री अशोक खत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
इस मौके पर देवभूमि संवाद से बातचीत के दौरान ‘नई पहल नई सोच’ के संस्थापक, समाजसेवी संजय दरमोड़ा ने बताया कि जागतोली दशज्यूला महोत्सव हमारे लिए एक ऐसा सांस्कृतिक उत्सव है। जिसमें हमें उत्तराखंड के लोक सांस्कृतिक परिवेश के दर्शन तो होते ही है। साथ ही भगवान शिव और माँ नंदा का आशीष भी हमें मिलता है। मेरे लिए तो यह उत्सव मेरे खेत-खलिहान का उत्सव है। जो मुझे मेरी माटी, मेरी संस्कृति से रू-ब-रू करवाता है। इस बेहतर आयोजन के लिए में रूद्रप्रयाग के सभी क्षेत्रवासियों और आयोजन समिति को बहुत-बहुत बधाई देते है।
जागतोली दशज्यूला महोत्सव के अध्यक्ष जयवर्धन काण्डपाल ने इस आयोजन के बारे में बताया कि भगवान शिव व माँ नंदा के इस तीन दिवसीय अनुष्ठान के साथ-साथ मेले का आयोजन भी होगा। साथ ही स्थानीय विद्यालयों के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक एवं कबड्डी प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। इसी के साथ स्व. डॉ. सती जी की ऑडियो कैंसेट पर आधारित जीतू बगड़वाल नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। क्षेत्र की आराध्य माँ चण्डिका की देव यात्रा पर आधारित प्रस्तुति, लोक गायिका हेमा नेगी करासी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ-साथ पुरुस्कार वितरण के साथ मेले का समापन होगा।