पौड़ी: उत्कृष्ट विद्यालयों के चिन्हांकन के साथ ही न्यून छात्र संख्या वाले विद्यालयों का उत्कृष्ट विद्यालयों में विलय का रा० जू० हा० शिक्षक संघ पौड़ी ने पुरजोर विरोध किया है। जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) पोड़ी को दिए ज्ञापन में संगठन ने लिखा है कि जनपद पौड़ी विषम भौगोलिक एवं फैलाव वाला जनपद है। इसके लिए संगठन द्वारा ज्ञापन में निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं।
- शासनादेश संख्या 964/XXIV (1) 2017-18 दिनांक 15.09.2017 के अनुसार न्यून छात्र संख्या (10 या 10 से कम) वाले रा. उ. प्रा. वि. का विलीनीकरण 03 कि. मी. की परिधि में स्थित रा. उ. प्रा. वि. में किये जाने की व्यवस्था प्राविधानित है। जबकि शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रारूप में विद्यालय से दूरी का उल्लेख नहीं किया गया है, आर. टी. ई. मानकानुसार विद्यालयों की दूरी भी सम्मिलित की जाय।
- विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं वृहद जनपद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के घर से विद्यालय पहुचने का पैदल मार्ग है, जिस कारण वाहन एस्कोर्ट व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकती है, क्योंकि विद्यालय पहुचने के लिए बच्चों को अधिकतक दूरी पैदल चलकर तय करनी पड़ेगी, जो कि अन्यायपूर्ण है।
- स्थापित किये जा रहे उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों के पदों की स्थिति अस्पष्ट है।
- पूर्व में स्थापति आदर्श विद्यालयों की भांति अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में स्थापित किया जाय, जिसमें अन्य विद्यालयों के विलिनीकरण की बाध्यता का समाप्त किया जाए।
- विद्यालय के विलिनीकरण से बड़ी संख्या में विद्यालय बन्द होंगे, जिससे भविष्य में सम्पूर्ण व्यवस्था पर दुष्प्रभाव पड़ना सम्भावित है।
रा. जू. हा. शिक्षक संघ पौड़ी के जिला अध्यक्ष भगत सिंह भण्डारी तथा जिला मंत्री मुकेश काला ने बताया कि ज्ञापन में शासनादेशानुसार एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यवाही की गयी है। उन्होंने बताया कि कठोर एवं मनमाने तरीके से की गयी कार्यवाही पर संगठन को बाध्य होकर विरोध प्रदर्शन एवं न्यायालय की शरण में जाने हेतु मजबूर होना पड़ेगा, जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व विभाग का होगा।



